सूखे के बीच बड़े समारोहों और महोत्सवों में कटौती, लोककलाकारों के लिए तालुका स्तर पर कार्यक्रम
सांस्कृतिक कार्यमंत्री आशिष शेलार ने कहा कि सूखे की हालत में बड़े आयोजन घटाए जाएंगे और लोककलाकारों को तालुका स्तर पर मौका मिलेगा।
मुंबई : महाराष्ट्र में सूखे के हालात गंभीर हैं। सांस्कृतिक कार्यमंत्री आशिष शेलार ने कहा कि इस हालत में किसान, विद्यार्थी और जानवरों के साथ लोककलाकार भी नहीं पिसने चाहिए। अपनी संस्कृति को संभालकर रखने वाले लोककलाकारों को मदद मिले, इसलिए राज्य में बड़े समारोहों और महोत्सवों में कटौती की जाएगी।
शेलार के मुताबिक लोककलाकारों को ज्यादा से ज्यादा मौके मिलें और उन्हें मेहनताना मिले, इसके लिए तालुका स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आशिष शेलार ने मुंबई में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्य संचालनालय के जरिए हर साल हजारों कार्यक्रम होते हैं। इस साल सिर्फ जरूरी कार्यक्रम किए जाएंगे। कुछ कार्यक्रम टालकर अगले साल लिए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों के लिए रखा गया 25 करोड़ रुपये का फंड सांस्कृतिक कार्य संचालनालय के जरिए पुरातत्त्व विभाग को दिया जाएगा। यह रकम बावड़ी के संवर्धन पर खर्च होगी। उन्होंने यह भी कहा कि बावड़ी संवर्धन के जरिए पानी का नियोजन करने की सूचनाएं दी गई हैं।
मुंबई में सफाई के लिए टैंकर इस्तेमाल करने के बारे में भी शेलार से सवाल हुआ। उन्होंने कहा, "मुझे इसकी जानकारी नहीं है। मुंबई महापालिका इस पर स्पष्टीकरण देगी। लेकिन फिजूल खर्च नहीं होना चाहिए। ऐसा खर्च नहीं होगा। सड़कों की सफाई करना जरूरी है।"
इंडिया गठबंधन के मोर्चे पर भी शेलार ने बयान दिया। उन्होंने कहा, "विरोधी राजनीतिक मकसद से मोर्चे निकाल रहे हैं। असली मतदाताओं को वंचित रखने की उनकी भूमिका दिख रही है। उनकी भूमिका साफ नहीं है। उन्होंने कितने बीएलए (BLA) नियुक्त किए हैं, यह बताएं। वे चुनाव आयोग की बैठक में आते नहीं हैं। इसे 'बारात के बाद घोड़े' कहा जा सकता है।"
आदिवासी विद्यार्थियों की ओर से भी मोर्चा निकाला गया था। इस पर शेलार ने कहा कि हम आदिवासी विद्यार्थियों के साथ हैं और उनकी समस्याएं सुलझाने की कोशिश जारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि उन्हें कांग्रेस कार्यालय में क्यों बंद रखा गया, इसका जवाब कांग्रेस के प्रवक्ता दें।