सीताबर्डी में नासुप्र का व्यापार संकुल बदहाल, छत टपकती है, शौचालय की हालत खराब
सीताबर्डी में नागपुर सुधार प्रन्यास के व्यापार संकुल की देखभाल नहीं होने से दुकानदार परेशान हैं।
सीताबर्डी में नागपुर सुधार प्रन्यास (नासुप्र) का व्यापार संकुल देखभाल की कमी से खंडहर जैसा हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि सालों से इस संकुल की रंगाई-पुताई तक नहीं हुई है। उनके मुताबिक नासुप्र आज भी वक्त पर ग्राउंड टैक्स वसूल करता है, लेकिन सफाई के लिए प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
संकुल की सीढ़ियों से लेकर दीवारों तक सब कुछ जर्जर दिखने लगा है। दुकानों की छतों से बारिश का पानी टपकता है। दुकानदारों को छत पर प्लास्टिक डालकर या दूसरे जुगाड़ करके काम चलाना पड़ रहा है। इसका असर उनके कारोबार पर भी पड़ रहा है।
दुकानदारों ने बताया कि इस संकुल का निर्माण साल 2002 में हुआ था। इसमें करीब 114 दुकानें हैं। पिछले 15 से 17 साल से इमारत की देखभाल और रंगाई-पुताई नहीं हुई, इसलिए उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही है।
संकुल का जायजा लेने पर हालात चौंकाने वाले दिखे। बाहर से लेकर अंदर तक पूरी इमारत बेरंग नजर आई। ऐसा लगा कि दीवारें सालों से साफ ही नहीं की गईं। जगह-जगह धूल और गंदगी दिखी। कई जगह छत खराब हो चुकी है और सीढ़ियों का भी यही हाल है।
इमारत में पुरुषों और महिलाओं के लिए शौचालय बनाए गए हैं, पर देखभाल न होने से उनकी हालत भी दयनीय है। खास तौर पर महिलाओं के शौचालय की स्थिति बहुत खराब दिखी। वह हमेशा बंद रहता है और उसके दरवाजे का नीचे का हिस्सा टूटा हुआ है। इसलिए महिलाओं को वहां जाने में असहज लगता होगा।
बरसात के दिनों में दुकानदारों के धंधे की हालत और बिगड़ जाती है। दुकानों की छत से पानी टपकता है, जिससे बड़ी परेशानी होती है। संकुल की छत से भी बारिश का पानी नीचे गिरता है और कई दुकानों में पानी भर जाता है। करीब 15 साल से इमारत की रंगाई-पुताई भी नहीं हुई है। दुकानदार नासुप्र को नियमित रूप से ग्राउंड टैक्स देते हैं।
सीताबर्डी व्यापार संकुल के अध्यक्ष बब्बू भाई के मुताबिक संकुल की दुकानें 30 साल की लीज पर दी गई हैं और दुकानदार नासुप्र को ग्राउंड टैक्स भरते हैं। दुकानदार असोसिएशन अपने स्तर पर सफाई और बुनियादी चीजों की देखभाल करता है, जबकि इमारत के मुख्य ढांचे की देखभाल की जिम्मेदारी नासुप्र की है।
असोसिएशन ने नासुप्र को अर्जी देकर इस पुरानी इमारत को गिराकर नया कॉम्प्लेक्स बनाने की मांग की है। लेकिन कई अर्जियां देने के बाद भी अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बब्बू भाई के मुताबिक इसके नवीनीकरण और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू होनी जरूरी है।