सीजेपी के तीन नेताओं को 10 तारीख से पहले गिरफ्तार करने की तैयारी, आशुतोष रांका का दावा
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने ट्वीट कर दावा किया है कि उन्हें, अभिजीत दिपके और सौरव दास को 10 तारीख से पहले NSA जैसे कानूनों के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया है कि उन्हें, अभिजीत दिपके और सौरव दास को किसी भी वक्त गिरफ्तार किया जा सकता है। आशुतोष के मुताबिक इसके लिए प्लॅनिंग भी चल रही है। यह दावा उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर ट्वीट करके किया।
आशुतोष रांका ने लिखा कि कई लोगों ने उन्हें बताया है कि अभिजीत दिपके, सौरव दास और उन्हें 10 तारीख से पहले कभी भी NSA या उसके जैसे दूसरे कानूनों के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है। उनका कहना है कि तीनों 6 जून से जेल जाने के लिए तैयार हैं और उन्हें इसका कोई डर नहीं है।
आशुतोष ने आगे लिखा कि डरना तो उन्हें चाहिए जो इस देश को बर्बाद करने पर तुले हैं, और वे डरे हुए भी हैं। उन्होंने गांधीजी का हवाला दिया कि "हिंसा और नफरत डर से ही पैदा होती है"। उनके मुताबिक सरकार डरी हुई है और इसीलिए हिंसा का रास्ता अपना रही है। यह आशुतोष का आरोप है।
उन्होंने यह भी लिखा कि वे 30 साल के नौजवान हैं, जो एक बेहतर और ज्यादा जवाबदेह भारत के लिए लड़ रहे हैं, और उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है। उनके शब्दों में, "आप हमें गिरफ्तार कर सकते हैं, पीट सकते हैं, मार भी सकते हैं, लेकिन रोक नहीं सकते।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर मार दिया गया तो उनकी चिता से निकलने वाली आग महलों को पिघला देगी। आशुतोष ने यह भी कहा कि कई लोगों से उन्हें खबर मिल रही है कि रत्ना सिंग और पार्टी के दूसरे नेताओं को भी गिरफ्तार करने की प्लॅनिंग है।
कुछ दिन पहले सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने भी ऐसा ही दावा किया था। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार की तरफ से उन्हें, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, रत्ना सिंग और कॉकरोच जनता पार्टी के बाकी नेताओं को गिरफ्तार करने की योजना बनाई जा रही है। इंस्टाग्राम पोस्ट में सौरव ने लिखा कि अगर सरकार को लगता है कि ऐसे तानाशाही तरीकों से फायदा होगा, तो यह उसकी गलतफहमी है। उनके मुताबिक देश की नौजवान पीढ़ी अब जाग चुकी है। उन्होंने सबसे अपील की कि जिएं या मरें, अपने हक और बेहतर भविष्य की लड़ाई जारी रखें। सौरव ने यह भी कहा कि वे जेल जाने या उससे भी बुरे नतीजे झेलने के लिए हमेशा तैयार हैं, पर यह सरकार की बड़ी भूल होगी, क्योंकि देश के नौजवान इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
आशुतोष के दावे के बाद अभिजीत दिपके ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को लगता है कि UAPA, NSA या जेल की धमकी से वे चुप हो जाएंगे, तो ऐसा नहीं होगा। उनके मुताबिक वे हर हालात का सामना करने और जरूरत पड़ी तो महीनों या सालों जेल में बिताने को तैयार हैं, लेकिन लोकतंत्र बचाने की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। अभिजीत ने कहा कि वे महात्मा गांधी के दिखाए रास्ते पर चलते हैं और शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से आंदोलन करते रहेंगे।
इस बीच सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित अपना आंदोलन शांतिपूर्ण रहने की बात कही है। पार्टी ने मुक्त और निष्पक्ष चुनाव का समर्थन करने वाले हर नागरिक से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। अभिजीत दिपके ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया, तो देश भर से नागरिक और संगठन के सदस्य नई दिल्ली में जमा होंगे और जंतर मंतर पर बड़ा आंदोलन करेंगे।
सीजेपी की चर्चा इन दिनों पूरे देश में है। नीट पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिए जाने के बाद अब पार्टी ने चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए आक्रामक रुख अपनाया है।