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22:40 IST

शतरंज ओलंपियाड: उज्बेकिस्तान में 15 से 27 सितंबर तक होगा आयोजन, सिंधारोव को सौंपी मशाल

उज्बेकिस्तान के समरकंद में होने वाले चेस ओलंपियाड की तैयारियां शुरू, विश्वनाथन आनंद और नितिन नारंग ने सिंधारोव को सौंपी मशाल

शतरंज ओलंपियाड: उज्बेकिस्तान में 15 से 27 सितंबर तक होगा आयोजन, सिंधारोव को सौंपी मशाल
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

उज्बेकिस्तान के समरकंद में होने वाले चेस ओलंपियाड की उलटी गिनती औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। इस बड़े टूर्नामेंट की मशाल उज्बेकिस्तान के टॉप खिलाड़ी और कैंडिडेट्स चेस टूर्नामेंट के विजेता जवोखिर सिंधारोव को सौंपी गई है। यह मशाल हस्तांतरण समारोह इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (फिडे) के अंतरिम अध्यक्ष विश्वनाथन आनंद और अखिल भारतीय शतरंज संघ (एआईसीएफ) के अध्यक्ष नितिन नारंग के हाथों संपन्न हुआ।

दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित टीम शतरंज प्रतियोगिताओं में शुमार यह चेस ओलंपियाड समरकंद में 15 से 27 सितंबर के बीच खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट में दुनियाभर के दिग्गज खिलाड़ी हिस्सा लेंगे और अलग-अलग देशों की टीमों के बीच खिताब के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।

शतरंज के वैश्विक विस्तार का जश्न मनाने और चेस ओलंपियाड को लेकर उत्साह पैदा करने के मकसद से फिडे ने 2022 में ओलंपिक मशाल की तर्ज पर 'चेस ओलंपियाड टॉर्च' की परंपरा शुरू की थी। इस परंपरा के तहत मशाल अलग-अलग पड़ावों से गुजरते हुए मेजबान देश तक पहुंचती है।

इस मौके पर एआईसीएफ अध्यक्ष नितिन नारंग ने कहा कि चेस ओलंपियाड की यह मशाल इस बात का असरदार प्रतीक है कि यह खेल देशों और पीढ़ियों को कैसे आपस में जोड़ता है। उन्होंने बताया कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 में भारत से इस परंपरा की शुरुआत की थी। नारंग के मुताबिक यह बेहद खास बात है कि शतरंज की जन्मभूमि माने जाने वाले भारत से यह मशाल अब उज्बेकिस्तान की ओर जा रही है, क्योंकि दोनों देशों में शतरंज की समृद्ध और लगातार बढ़ती संस्कृति है।

नारंग ने आगे कहा कि जैसे-जैसे समरकंद चेस की दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार हो रहा है, वैसे में जवोखिर सिंधारोव और उज्बेकिस्तान को शुभकामनाएं दी जाती हैं।

बता दें कि भारत के पास चेस ओलंपियाड के ओपन और महिला दोनों वर्गों का मौजूदा खिताब है। ऐसे में इस बार की प्रतियोगिता में भारतीय टीमें अपना खिताब बरकरार रखने के इरादे से मैदान में उतरेंगी और शतरंज प्रेमियों की निगाहें भारत के प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी।

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