गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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00:02 IST

SBI लाएगा UPI ट्रांजैक्शन हिस्ट्री के आधार पर लोन देने की नई सुविधा

छोटे कारोबारियों को अब बैंक अकाउंट में सीधे लोन की रकम मिलेगी, वो भी UPI पेमेंट हिस्ट्री देखकर

SBI लाएगा UPI ट्रांजैक्शन हिस्ट्री के आधार पर लोन देने की नई सुविधा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

पैसों की जरूरत पड़ने पर लोन लेने का प्रोसेस अक्सर लंबा और झंझट भरा माना जाता है। मगर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI ने अपने करोड़ों कस्टमर्स के लिए एक नई और आसान सुविधा शुरू की है, जिसमें UPI पर मौजूद जानकारी के आधार पर लोन मिल सकेगा। यानी कस्टमर की UPI ट्रांजैक्शन हिस्ट्री चेक करके बैंक उसे लोन देगा। यह जानकारी SBI के सीनियर अफसर और मैनेजिंग डायरेक्टर अश्विनी कुमार तिवारी ने दी।

यह लोन सुविधा खासतौर पर छोटे बिजनेस को ध्यान में रखकर लाई जा रही है। तिवारी ने बताया कि अगर किसी छोटे कारोबार की रेगुलर बिक्री होती है और पेमेंट UPI के जरिए आता है, तो इन डिजिटल ट्रांजैक्शन को बिजनेस की सेल्स का इंडिकेटर मानकर इस्तेमाल किया जा सकता है। जिन बिजनेस के पास GST रजिस्ट्रेशन नहीं है, उनकी लोन लेने की क्षमता आंकने के लिए SBI एक नया UPI बेस्ड सिस्टम तैयार कर रहा है।

तिवारी ने आगे बताया कि जिन बिजनेस के पास GST के तहत रजिस्ट्रेशन है, उन्हें लोन देने का तरीका बैंक ने पहले ही ढूंढ लिया है। ऐसे मामलों में सिर्फ 10 मिनट के अंदर लोन दिया जा सकता है। पिछले 18 महीनों में बैंक ने GST और PAN डेटा के इस्तेमाल से 1 लाख करोड़ रुपए का लोन बांटा है। लेकिन जिन बिजनेस के पास GST नंबर नहीं है, वहां दिक्कत आती है, और ऐसे केस में अल्टरनेट डेटा काफी काम का साबित होता है।

UPI पेमेंट को लेकर तिवारी ने कहा कि लोन देने वाले बैंक को अक्सर यह साफ पता नहीं होता कि पैसा असल में कहां जा रहा है। मगर पैसा स्वीकार करने वाले बैंक और ट्रांजैक्शन कराने वाले थर्ड-पार्टी पेमेंट ऐप के पास यह जानकारी होती है। कस्टमर की मंजूरी लेकर बैंक UPI पेमेंट और टेलिकॉम कंपनियों से मिलने वाले डेटा जैसे दूसरे सोर्स इस्तेमाल करने वाले मॉडल के जरिए लोन एलिजिबिलिटी की जानकारी रख सकता है। तिवारी को उम्मीद है कि इस नए डेटा के आधार पर SBI छोटे बिजनेस को लोन दे पाएगा, जिससे छोटे कारोबारियों को होने वाली क्रेडिट से जुड़ी दिक्कतें कम होंगी।

अगर यह स्कीम कामयाब रहती है, तो इस सिस्टम की बदौलत GST रजिस्ट्रेशन ना रखने वाले छोटे दुकानदारों, व्यापारियों और दूसरे छोटे बिजनेस के लिए बैंक से लोन लेना आसान हो सकता है। जिन बिजनेस का रेगुलर काम-काज चलता है और UPI के जरिए डिजिटल पेमेंट की ठोस हिस्ट्री है, उन्हें इसका सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है।

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