समरकंद ओलंपियाड में भारत ने लगातार तीसरी बार जीती गैप्रिंदाश्विली ट्रॉफी
उज़्बेकिस्तान के समरकंद में हुए 46वें शतरंज ओलंपियाड में भारत ने ओपन में रजत और महिलाओं में कांस्य जीतकर यह ट्रॉफी हासिल की।
उज़्बेकिस्तान के समरकंद में हाल ही में खत्म हुए 46वें शतरंज ओलंपियाड में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया। इसके दम पर भारत ने लगातार तीसरी बार गैप्रिंदाश्विली ट्रॉफी अपने नाम की। ओपन सेक्शन में भारत को रजत पदक मिला, जबकि महिला सेक्शन में कांस्य पदक। इन दोनों नतीजों से भारत ने जनरल टीम चैंपियनशिप की हैट्रिक पूरी की।
इससे पहले 2022 में चेन्नई और 2024 में बुडापेस्ट में हुए ओलंपियाड के बाद भी भारतीय टीम यह ट्रॉफी जीत चुकी है। यानी लगातार तीन ओलंपियाड में यह ट्रॉफी भारत के पास आई है।
ओपन सेक्शन की भारतीय टीम के कोच ग्रैंडमास्टर श्रीनाथ नारायणन थे। टीम में ग्रैंडमास्टर अर्जुन इरिगेसी, आर. प्रज्ञानंद, निहाल सरीन, वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश और विदित गुजराती शामिल थे। महिला टीम के कोच ग्रैंडमास्टर स्वयंम्स मिश्रा रहे। इस टीम में ग्रैंडमास्टर कोनेरू हंपी, दिव्या देशमुख और आर. वैशाली के साथ इंटरनेशनल मास्टर वंतिका अग्रवाल और सविता श्री खेलीं।
निजी प्रदर्शन में भी भारतीयों ने अच्छा नाम कमाया। सविता श्री ने अपने पहले ही ओलंपियाड में पांचवें बोर्ड पर बिना हारे 10 में से 9 अंक बनाए और व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता। जॉर्जिया के खिलाफ आखिरी राउंड में भारतीय महिला टीम का मुकाबला बराबरी पर छूटा, जिससे टीम को कांस्य मिला। दिव्या देशमुख ने दूसरे बोर्ड पर रजत जीता और डी. गुकेश को भी रजत मिला। कोनेरू हंपी और वंतिका अग्रवाल ने कांस्य पदक अपने नाम किए।
ऑल इंडिया चेस फेडरेशन के चीफ कोच ग्रैंडमास्टर अभिजीत कुंटे भारतीय दल के प्रमुख थे। भारत लौटने पर पुणे के शतरंज प्रेमियों की तरफ से नगरसेवक सुनील पांडे ने उनका स्वागत किया। समरकंद ओलंपियाड में एशियाई टीमों का दबदबा रहा। कुल छह में से पांच टीम पदक एशियाई टीमों ने जीते। ओपन में उज़्बेकिस्तान, भारत और जर्मनी पहले तीन स्थानों पर रहे। महिलाओं में चीन, कज़ाखस्तान और भारत पहले तीन स्थानों पर रहे।
भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर कुंटे ने कहा, "यह लंबा सफर आखिर कामयाब रहा। मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभालने के बाद नए सुधारों, सोची-समझी तैयारी और हर तरह का सहयोग देने वाली व्यवस्थाओं की मदद से जो मेहनत की गई, यह उसी का फल है। भारतीय शतरंज महासंघ के लगातार साथ देने से ही हम लगातार तीसरे ओलंपियाड में गैप्रिंदाश्विली ट्रॉफी जीत पाए।"
कुंटे ने यह भी कहा, "श्रीनाथ नारायणन और स्वयंम्स मिश्रा, हमारे इन कोचों ने पिछले छह साल बिना थके मेहनत की है और वे टीम की रीढ़ साबित हुए हैं। हर खिलाड़ी ने सौ फीसदी योगदान दिया, इसीलिए यह प्रदर्शन मुमकिन हुआ।"
पुणे डिस्ट्रिक्ट चेस सर्कल की तरफ से भी पुणे के शतरंज जगत का अहम नाम माने जाने वाले अभिजीत कुंटे की तारीफ की गई। ओलंपियाड में कोच के तौर पर कुंटे का काम काबिले-तारीफ रहा है। बुडापेस्ट 2024 ओलंपियाड में उन्होंने भारतीय महिला टीम को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाया था। अब समरकंद में उनके नेतृत्व में भारत ने ओपन में रजत और महिलाओं में कांस्य जीतते हुए लगातार तीसरी बार गैप्रिंदाश्विली ट्रॉफी जीती। सर्कल के पत्रक में लिखा है, "इस अभूतपूर्व कामयाबी के लिए हम पूरी भारतीय शतरंज टीम को दिल से बधाई देते हैं। यह जीत मनाने का मौका देने के लिए भारतीय टीम का शुक्रिया।"