सई ताम्हणकरने बताया 'अडकित्ता' फिल्म में मंगल के रोल का अनुभव
अभिनेत्री सई ताम्हणकरने अपने आने वाले मराठी सिनेमा 'अडकित्ता' में निभाए मंगल के किरदार को लेकर खुलकर बात की।
अभिनेत्री सई ताम्हणकर इन दिनों अपने आने वाले मराठी सिनेमा 'अडकित्ता' में निभाए एक खास रोल की वजह से चर्चा में हैं। इस फिल्म में सई एक अहम किरदार में नजर आने वाली हैं, और उनके किरदार के जरिए ममता, भावनात्मक लगाव और बच्चे के लिए सही फैसला लेने जैसे कई संवेदनशील मुद्दे सामने रखे गए हैं। फिल्म के प्रमोशन के दौरान सई ने अपने रोल के अनुभव और इस किरदार से बदले अपने नजरिए के बारे में खुलकर बात की।
'अडकित्ता' में सई ताम्हणकर सिद्धार्थ और सखी के साथ स्क्रीन शेयर कर रही हैं। फिल्म के केंद्रीय संघर्ष में शामिल इन तीनों कलाकारों के बीच अभिनय की केमिस्ट्री को लेकर बात करते हुए सई ने बताया कि क्रिएटिव आइडियाज का आपस में आदान-प्रदान पूरी प्रोसेस का एक अहम हिस्सा रहा।
सखी के साथ पहली बार काम करने का अनुभव सई के लिए बेहद सुखद रहा। वहीं सिद्धार्थ के साथ सई पहले भी कई बार काम कर चुकी हैं। सिद्धार्थ जिस तरह अपने किरदार को निभा रहे थे, उसे एक दोस्त और को-स्टार के तौर पर देखना उनके लिए खास अनुभव था। अपने सह-कलाकारों के साथ काम करने के इस अनुभव को सई ने सिर्फ "आनंद" बताया।
'अडकित्ता' में मंगल का किरदार निभाने के बाद सई के नैनियों की दुनिया को देखने के नजरिए में भी बदलाव आया। किसी परिवार का हिस्सा बनकर उस परिवार के भविष्य को गढ़ने में मदद करना कितनी बड़ी जिम्मेदारी है, यह बात उन्हें इस रोल के जरिए बहुत करीब से महसूस हुई।
नैनियों के काम को अक्सर सिर्फ एक नौकरी के नजरिए से देखा जाता है। लेकिन असल में वे उस परिवार के बच्चों की परवरिश और उनके भविष्य में बड़ी भूमिका निभाती हैं, यह बात सई को इस किरदार के जरिए समझ आई। इसके लिए शुक्रगुजार रहना हम अक्सर भूल जाते हैं, यह बात भी उन्होंने कही।
मंगल के किरदार ने सई को एक युवा वर्किंग मदर के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में भी करीब से सोचने का मौका दिया। एक इंडिपेंडेंट महिला के तौर पर काम, परिवार और बच्चों की जरूरतों के बीच बैलेंस बनाते वक्त पैदा होने वाली दुविधा को उन्होंने इस रोल के जरिए महसूस किया।
यह पूरी प्रोसेस कितनी मुश्किल और चैलेंजिंग हो सकती है, इसका एहसास इस किरदार से हुआ, यह बात सई ने बताई। आगे जरूरत पड़ने पर इस अनुभव से मिले कुछ सबक उनके काम आएंगे, यह भी उन्होंने साफ किया।
'अडकित्ता' देखने के बाद दर्शकों को क्या महसूस करना चाहिए, इस बारे में भी सई ने अपनी राय रखी। उनके मुताबिक, यह एक मीठी और रिलेटेबल फिल्म है। खासकर कई युवा कपल्स को इस कहानी के प्रसंग और इमोशनल पहलू अपनी जिंदगी से जुड़े हुए लग सकते हैं।
इस कहानी की खासियत यह है कि आज से दस साल बाद भी यह उतनी ही रिलेटेबल लग सकती है, यह सई का मानना है। यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज हो रही है, जिससे इसकी पहुंच और ज्यादा बढ़ेगी और दुनियाभर के अलग-अलग हिस्सों के दर्शकों तक यह फिल्म पहुंचेगी, इस बात की खुशी सई को है।