सदर में प्रॉपर्टी डीलर को पिस्तौल दिखाकर 50 हजार की रंगदारी मांगी, केस दर्ज
नागपुर के सदर इलाके में प्रॉपर्टी डीलर से पिस्तौल की नोंक पर 50 हजार रुपये मांगे गए, पैसे न देने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। दोनों आरोपी फरार, पुलिस तलाश में जुटी।
नागपुर के सदर इलाके में प्रॉपर्टी डीलिंग करने वाले एक शख्स को पिस्तौल दिखाकर धमकाने और 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। पैसे देने से मना करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दे डाली। इस घटना के बाद सदर इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
शिकायतकर्ता विशाल मिश्रा (40) आजाद चौक, सदर का रहने वाला है और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक 11 सितंबर की रात करीब 8 बजे विशाल अपने एक दोस्त के साथ कार में बैठकर बातचीत कर रहा था, तभी आकाश कटारिया और लखन हिरणवार वहां आ पहुंचे।
आरोप है कि दोनों ने विशाल के साथ मारपीट शुरू कर दी और इलाके में अपना कारोबार आगे चलाने के लिए उससे 50 हजार रुपये देने की मांग की। इसी दौरान आकाश ने कथित तौर पर पिस्तौल निकालकर विशाल को धमकाया। रकम न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे विशाल और उसका दोस्त बुरी तरह घबरा गए।
विशाल की शिकायत पर सदर पुलिस ने आकाश कटारिया और लखन हिरणवार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी लखन हिरणवार का नाम हिरणवार गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि वह हाल ही में एक हत्या के मामले में जमानत पर जेल से बाहर आया था। वहीं पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दूसरे आरोपी आकाश कटारिया के खिलाफ पहले से 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि इन सारे मामलों की असली स्थिति की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो पाएगी।
सदर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि धमकाने के लिए इस्तेमाल की गई पिस्तौल असली थी या नकली, और अगर असली हथियार था तो वह आरोपियों तक कैसे पहुंचा। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इन आरोपियों ने पहले भी किसी और कारोबारी या व्यक्ति से इसी तरह रंगदारी मांगी थी या नहीं।
घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी पुलिस खंगाल रही है और मामले से जुड़े दूसरे सबूत जुटाए जा रहे हैं। इस केस की जांच एपीआई नितिन विठोले और उनकी टीम कर रही है, और फरार आरोपियों की तलाश अभी जारी है।