रिफाइंड शुगर की सप्लाई बढ़ाएंगी कंपनियां, बाजार में दाम घटाने की तैयारी
त्योहारों के सीजन में चीनी के दाम आसमान छूने के बाद सरकार ने बाजार में दाम कम करने के लिए बड़ा प्लान बनाया है।
त्योहारों के सीजन में अचानक बाजार से चीनी की मिठास गायब हो गई थी, जिसका सीधा असर लाइन में लगे भारतीय त्योहारों पर पड़ा। रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और गणेशोत्सव जैसे त्योहार भारत में धूमधाम से मनाए जाते हैं, जिनमें मिठाई बांटने की परंपरा है। लेकिन चीनी के दाम आसमान छूने से आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ा है। सिर्फ चीनी ही नहीं, बल्कि सब्जी और कई दूसरी जरूरी चीजों पर भी महंगाई की मार दिखी, जिसका घर के खर्च पर बड़ा असर पड़ा है।
इस पूरी स्थिति में दाम कम करने के लिए सरकार सतर्क हो गई है। इसी के तहत अब बाजार में चीनी के दाम घटाने के लिए एक बड़ा प्लान बनाया गया है। मार्केट में रिफाइंड चीनी की सप्लाई की जाएगी। सवाल यह है कि आखिर यह चीनी होती क्या है, और कंपनियां इसकी सप्लाई बड़े पैमाने पर क्यों करने वाली हैं।
घरेलू बाजार में सप्लाई के लिए करीब ढाई लाख टन शुद्ध चीनी तैयार की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगर बाजार में अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध हो जाता है, तो चीनी के दाम कम हो सकते हैं, जिसका सबसे ज्यादा फायदा आम लोगों को मिलेगा। कई लोगों को शायद यह नहीं पता होगा कि रिफाइंड शुगर आखिर होती क्या है।
दरअसल रिफाइंड शुगर वह चमकदार, सफेद चीनी होती है जो कच्ची चीनी या गन्ने के रस को शुद्ध करके तैयार की जाती है। इसके बाद रिफाइंड शुगर को खाने लायक बनाने के लिए अलग-अलग प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है। रिफाइंड शुगर बनाने वाली रिफाइनरियां आमतौर पर बंदरगाहों के पास होती हैं, जहां कच्चा माल आयात किया जाता है, उस पर प्रोसेसिंग की जाती है और फिर उसे बिक्री के लिए बाजार में भेजा जाता है।
एक अहम बात यह है कि पहले के मुकाबले होलसेल मार्केट में चीनी के दाम गिरे हैं। कुछ समय पहले तक फैक्ट्री से चीनी 67 से 70 रुपये प्रति किलो के दर पर मिल रही थी। अब फैक्ट्री और होलसेल दाम करीब 45 से 55 रुपये प्रति किलो तक नीचे आ गए हैं। लेकिन इसका असर अभी तक रिटेल बाजार में नहीं दिखा है। रिटेल में चीनी के दाम अभी भी 60 से 65 रुपये प्रति किलो पर बने हुए हैं। आने वाले दिनों में लोगों को चीनी के दाम में गिरावट देखने को मिल सकती है।