रायगड: माणगाव में नल से आ रहा गंदा पानी, नगरपंचायत ने बुलाई तुरंत मीटिंग
काल नदी में तेज बारिश की वजह से पानी लाल-मटमैला हो गया है, जिसकी वजह से मानगांव नगरपंचायत इलाके में लोगों के घरों तक गंदा पानी पहुंच रहा है।
माणगाव नगरपंचायत के इलाके में रहने वाले लोगों को इन दिनों नल से मिट्टी मिला हुआ गंदला पानी मिल रहा है। इससे खासकर महिलाओं समेत आम नागरिकों में नाराजगी है। इसके अलावा नगरपंचायत की तरफ से इस बारे में लोगों को समय पर सूचना या दवंडी न देने पर भी नाराजगी जताई जा रही है।
पानी सप्लाई विभाग के कर्मचारियों के मुताबिक काल नदी और आसपास के पहाड़ी इलाके में जोरदार बारिश हो रही है, जिससे नदी का पानी लाल और मिट्टी मिला हुआ हो गया है। यह मटमैला पानी जॅकवेल से पंप के जरिए सीधे उतेखोल के वॉटर प्यूरिफिकेशन सेंटर में लाया जाता है। वहां फिटकरी और टीसीएल पाउडर का इस्तेमाल करके फिल्टरेशन प्लांट की टंकियों के जरिए पानी शुद्ध किया जाता है।
पानी सप्लाई विभाग ने बताया कि बीच-बीच में हो रही तेज बारिश और उससे काल नदी के पानी का रंग बदलने की वजह से शुद्धीकरण के बावजूद कभी-कभी नल में गंदला पानी आ जाता है। इसीलिए नागरिकों से अपील की गई है कि जो पानी वे स्टोर करें, उसे छान कर और उबाल कर ही पीने में इस्तेमाल करें।
शुद्धीकरण के बाद पानी यहां की तीन बड़ी स्टोरेज टंकियों में लाया जाता है। इसके बाद नौ पाइपलाइनों के जरिए तीन शिफ्ट में पूरे दिन नल कनेक्शन तक पानी सप्लाई होता है। माणगाव के लोगों को रोज करीब पैंतीस लाख लीटर पानी सप्लाई किया जाता है, इसलिए बीच-बीच में आने वाली तकनीकी दिक्कतें और बिजली कटने या कम-ज्यादा प्रेशर से सप्लाई होने की वजह से पानी के टाइम-टेबल पर भी असर पड़ता है।
इन सब दिक्कतों के बावजूद नगरपंचायत का पानी सप्लाई विभाग माणगाव के लोगों को नियमित पानी देने का काम कर रहा है। खासकर बारिश के मौसम में और गर्मी के आखिर में नदी के पानी की क्वालिटी में जो बदलाव आते हैं, उनकी वजह से लोगों को साफ सुथरा पानी सही तरीके से देने के लिए स्टाफ को काफी मेहनत करनी पड़ती है।
इस गंदला पानी की समस्या को लेकर माणगाव नगरपंचायत के पानी सप्लाई सभापति अजित चंद्रकांत तार्लेकर से बात की गई। उन्होंने बताया कि उन्होंने बुधवार, तेईस सितंबर को उतेखोल के वॉटर प्यूरिफिकेशन सेंटर में एक तुरंत स्पेशल मीटिंग बुलाई थी, जिसमें पानी सप्लाई का स्टाफ और नगरपंचायत के जूनियर इंजीनियर आकाश बुवा भी मौजूद थे।
इस मीटिंग में स्टाफ को साफ निर्देश दिए गए कि पानी शुद्धीकरण की प्रोसेस में जरूरी सावधानी बरतते हुए ही लोगों को पानी सप्लाई किया जाए। इसके अलावा जूनियर इंजीनियर आकाश बुवा ने स्टाफ को भरोसा दिलाया कि शुद्धीकरण के दौरान आने वाली दिक्कतें तुरंत दूर की जाएंगी, और शुद्धीकरण प्रोसेस में ज्यादा सतर्कता बरतने के साफ निर्देश दिए।