पुणे शिक्षक मतदारसंघ: उम्मीदवारी को लेकर महायुति में तनाव, बच्चू कडू की बगावत की चेतावनी
पुणे शिक्षक मतदारसंघ की उम्मीदवारी को लेकर महायुति में खदबद, बच्चू कडू ने मंगेश चिवटे को समर्थन देकर बगावत के संकेत दिए
महाराष्ट्र विधान परिषद के शिक्षक और पदवीधर मतदारसंघों के चुनाव का कार्यक्रम जारी होने के बाद पुणे विभाग के दोनों मतदारसंघों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पुणे विभाग शिक्षक और पदवीधर मतदारसंघ के लिए 23 अक्टूबर 2026 को वोटिंग होगी।
पुणे शिक्षक मतदारसंघ से मंगेश चिवटे उम्मीदवारी के इच्छुक बताए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात भी की, ऐसा बताया गया है। दूसरी तरफ भाजपा की ओर से भी पुणे विभाग के इन मतदारसंघों पर दावा किया जा रहा है, जिसके चलते महायुति में उम्मीदवारी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
महायुति के तौर पर मिलकर चुनाव लड़ने की कोशिश की बात कही जा रही थी, लेकिन भाजपा मंत्री जयकुमार गोरे ने पहले ही यह इशारा दे दिया था कि जरूरत पड़ी तो भाजपा अपने चुनाव चिन्ह पर दोनों मतदारसंघों में चुनाव लड़ेगी। इसी वजह से सीट बंटवारे को लेकर महायुति के घटक दलों के बीच मतभेद होने की संभावना जताई जा रही है।
इसी बीच बच्चू कडू ने मंगेश चिवटे की संभावित उम्मीदवारी को लेकर एक सूचक बयान दिया है। अमरावती में एक हेल्थ कैंप में बोलते हुए उन्होंने चिवटे के मरीजों की सेवा में किए गए काम का जिक्र किया।
बच्चू कडू ने कहा, "मंगेश चिवटे ने रुग्णसेवा में जो लगन दिखाई, उसकी वजह से आने वाले चुनाव में वे विधायक बने बिना नहीं रहेंगे।"
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर मंगेश चिवटे को पार्टी से समर्थन नहीं मिला और बगावत करने की नौबत आई, तो "हम बगावत के बादशाह हैं।" कडू ने आगे कहा कि वे अच्छे इंसान के साथ खड़े रहते हैं और नेताओं का विरोध हो तब भी उन्हें इसकी परवाह नहीं है।
पुणे विभाग के शिक्षक और पदवीधर मतदारसंघों के चुनाव के लिए महायुति के घटक दलों के बीच उम्मीदवारों को लेकर बातचीत जारी है। चुनाव आयोग ने पुणे पदवीधर, पुणे शिक्षक सहित महाराष्ट्र के पांच विधान परिषद मतदारसंघों के चुनाव का कार्यक्रम जारी किया है। 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी।
ऐसे में पुणे शिक्षक मतदारसंघ के लिए उम्मीदवारी किसे मिलेगी और महायुति के घटक दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे या अलग-अलग भूमिका लेंगे, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर टिकी हुई है।