पुणे की गुरुनानक डेअरी केस में FDA को सुप्रीम कोर्ट से राहत, 5 लाख का मुआवजा रद्द
सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई हाईकोर्ट का वह आदेश रद्द कर दिया, जिसमें FDA को दुकान मालिक को 5 लाख रुपये देने को कहा गया था।
पुणे की गुरुनानक डेअरी एंड स्वीट्स के मामले में अन्न और औषध प्रशासन (FDA) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मुंबई हाईकोर्ट ने FDA को आदेश दिया था कि वह दुकान के मालिक को 5 लाख रुपये मुआवजा दे। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का यह आदेश रद्द कर दिया है।
इस मामले की शुरुआत खाने की क्वालिटी और साफ-सफाई की शिकायतों से हुई थी। FDA के पास शिकायत आई थी कि डेअरी के खाने से फूड पॉइझनिंग हुई है। इसके बाद FDA ने 12 जून को डेअरी का फूड लायसन्स निलंबित कर दिया। लायसन्स निलंबित होने से दुकान का कारोबार बंद रखना पड़ा।
बाद में FDA के अधिकारियों ने डेअरी की दोबारा जांच की। दावा किया गया कि इस जांच में दुकान में नियमों का करीब 98 टक्के पालन होता पाया गया। इसके बावजूद दुकान का लायसन्स फौरन बहाल नहीं किया गया। इस पर डेअरी के मालिक ने मुंबई हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
मालिक का कहना था कि लायसन्स निलंबित रहने से गुरुनानक डेअरी एंड स्वीट्स पूरे 34 दिन बंद रही। उन्होंने कोर्ट में बताया कि दुकान बंद रहने से करीब 8 लाख 74 हजार रुपये का नुकसान हुआ।
सुनवाई के दौरान मुंबई हाईकोर्ट ने FDA की कार्रवाई पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि दोबारा की गई जांच में नियमों का बड़े पैमाने पर पालन दिखने के बाद भी लायसन्स निलंबित रखना ठीक नहीं था।
हाईकोर्ट ने FDA का निलंबन आदेश रद्द करके डेअरी को फिर से शुरू करने की इजाजत दी। साथ ही दुकान 34 दिन बंद रहने के नुकसान के बदले मालिक को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश FDA को दिया था।
FDA ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। FDA की दलील थी कि यह कार्रवाई सार्वजनिक सेहत को ध्यान में रखकर की गई थी। प्रशासन ने कोर्ट के सामने कहा कि खाने से फूड पॉइझनिंग की शिकायत मिलने के बाद ग्राहकों की सेहत की सुरक्षा के लिए फौरन कार्रवाई जरूरी थी।
सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई हाईकोर्ट का 5 लाख रुपये के मुआवजे का आदेश रद्द कर दिया। अब गुरुनानक डेअरी के मालिक को 5 लाख रुपये देने की जिम्मेदारी FDA पर नहीं रही।
राज्य में फिलहाल मिलावट करने वालों और खाने की क्वालिटी के नियम तोड़ने वालों के खिलाफ FDA की कार्रवाई चल रही है। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे की अगुवाई में होटल, डेअरी और खाने का सामान बनाने वाले प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है।
गुरुनानक डेअरी मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सार्वजनिक सेहत के लिहाज से की गई FDA की कार्रवाई को अदालत से अहम राहत मिली है। इसलिए इस फैसले को राज्य में अन्न सुरक्षा और FDA की कार्रवाई के लिहाज से एक अहम कदम माना जा रहा है।