फिल्म 'दायरा': करीना कपूर और पृथ्वीराज पुलिस अफसर बने, कानून और इंसाफ की उलझी कहानी
मेघना गुलजार की डायरेक्शन में बनी 'दायरा' में करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन पुलिस अफसरों के रोल में हैं। फिल्म 18 सितंबर को रिलीज हो रही है।
क्राइम ड्रामा में आमतौर पर यही दिखाया जाता है कि गुनाह किसने किया, उसकी तलाश कैसे हुई और आरोपी तक पुलिस कैसे पहुंची। लेकिन 'दायरा' सिर्फ इस जांच वाली कहानी तक सीमित नहीं रहती। यह फिल्म तफ्तीश से आगे बढ़कर एक सवाल खड़ा करती है कि असली इंसाफ आखिर होता क्या है। मेघना गुलजार के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन पुलिस अफसरों के किरदार में नजर आ रहे हैं।
करीना कपूर खान ने फिल्म में डीसीपी अजूनी कोहली का रोल निभाया है। उनके किरदार में अधिकार की झलक तो दिखती है, लेकिन डायरेक्टर ने उन्हें पारंपरिक एक्शन हीरो वाले सांचे में बिल्कुल नहीं बांधा। अजूनी की असली ताकत उसके तफ्तीश करने के तरीके में है। वह हर बात को बड़े ध्यान से सुनती है, हर चीज को गौर से देखती है और फिर धीरे-धीरे मामले की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ती जाती है। करीना कपूर ने इस किरदार को संयम के साथ और असरदार अंदाज में निभाया है।
दूसरी तरफ पृथ्वीराज सुकुमारन डीसीपी रमन कुमार के किरदार में हैं। गुनाहों की गंभीरता का उन पर गहरा असर पड़ता है। रमन का मानना है कि कुछ गुनाहों में सख्त और फौरन सजा मिलनी ही चाहिए। पृथ्वीराज ने रमन की इस सोच को पूरी ताकत के साथ पर्दे पर उतारा है। लेकिन साथ ही इस किरदार को सिर्फ एक ही रंग में सीमित न रखते हुए उसकी अलग-अलग परतें दिखाने की कोशिश भी की गई है।
फिल्म की कहानी सिर्फ पुलिस की तफ्तीश के इर्द-गिर्द नहीं घूमती। इसमें कानूनी सिस्टम, संस्थाओं की जिम्मेदारी, मीडिया और लोगों का दबाव, साथ ही यौन हिंसा के बाद महिलाओं को झेलना पड़ने वाला समाज का रवैया, जैसे कई मुद्दों को भी फिल्म छूती है। लेखक मेघना गुलजार, सीमा अग्रवाल और यश केसवानी ने इन मुद्दों को कहानी में पिरोने की कोशिश की है। इसी वजह से 'दायरा' सिर्फ रहस्य सुलझाने वाला क्राइम ड्रामा न रहकर न्याय व्यवस्था को देखने का एक अलग नजरिया पेश करती है।
'दायरा' एक गंभीर विषय पर बनी क्राइम ड्रामा है और कुछ जगहों पर इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ जाती है। फिर भी मुख्य टकराव पर पकड़ बनी रहती है। कलाकारों की एक्टिंग और विषय पर भरोसे के दम पर फिल्म अपनी कहानी को आगे बढ़ाती है।
कुल मिलाकर, 'दायरा' सिर्फ यह ढूंढने वाली फिल्म नहीं है कि गुनाह किसने किया, बल्कि यह सोचने पर मजबूर करती है कि गुनाह के बाद इंसाफ का असली मतलब क्या है और वह कैसे मिलना चाहिए। 'दायरा' को Junglee Pictures और डॉ. जयंतीलाल गडा (Pen Studios) ने बनाया है, और इसका डिस्ट्रिब्यूशन Pen Marudhar कर रहा है। यह फिल्म 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है।