मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
19:49 IST

पेंच जलाशय में 1 अक्टूबर से चलेंगी दो सोलर बोट, केरल से आई नई बोट

पेंच व्याघ्र प्रकल्प के जलाशय में 1 अक्टूबर से दो सोलर बोट पर्यटकों को जल सफारी कराएंगी।

पेंच जलाशय में 1 अक्टूबर से चलेंगी दो सोलर बोट, केरल से आई नई बोट
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नागपुर और आसपास के वन्यजीव प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। पेंच व्याघ्र प्रकल्प में जंगल सफारी का मजा बढ़ाने के लिए केरल से एक नई सोलर बोट पहुंच गई है। 1 अक्टूबर से पेंच जलाशय में दो सोलर बोट के जरिए पर्यटक जल सफारी कर सकेंगे।

यह बोट पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलती है। पर्यावरण के लिए अच्छी होने के साथ-साथ यह बहुत शांत भी है। इसमें इंजन का शोर नहीं होता, इसलिए जलाशय के आसपास रहने वाले पक्षियों और वन्यजीवों को भी परेशानी नहीं होगी। शांत माहौल में पानी के बीच से गुजरते हुए जंगल और जानवरों को करीब से देखना पर्यटकों के लिए खास आकर्षण रहेगा।

नई सोलर बोट में एक साथ 24 पर्यटक बैठ सकते हैं। अब दो बोट होने से पर्यटकों की संख्या के हिसाब से सफारी के ज्यादा विकल्प मिलेंगे और बोट के लिए लंबा इंतजार भी कम होने की उम्मीद है।

सफारी दो रूट पर होगी। पहला रूट कोलीतमारा से नांदपुर और वापसी का है। आना-जाना मिलाकर यह करीब 10 किलोमीटर है और इसमें लगभग 1 घंटा 30 मिनट लगेगा। इस रूट का मुख्य आकर्षण नांदपुर में प्राचीन वाकाटक साम्राज्य के अवशेष और नांदपुर कुटी है। इस रूट की सफारी सुबह 6 से 8, 8.30 से 10.30, 11 से 1, दोपहर 1.30 से 3.30 और शाम 4 से 6 बजे तक चलेगी।

दूसरा रूट कोलीतमारा से कुंवारा भिवसेन और वापसी का है। आना-जाना मिलाकर यह करीब 28 किलोमीटर है और इसमें लगभग 3 घंटे लगेंगे। इसमें पेंच के घने जंगलों से गुजरते हुए प्राचीन कुंवारा भिवसेन मंदिर तक जाना होता है। इस रूट की सफारी सुबह 6 से 9, सुबह 10 से दोपहर 1 और दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक होगी।

इस सफारी में पर्यटकों को प्रकृति के साथ इतिहास और वन्यजीवन का भी अलग अनुभव मिलेगा। नांदपुर क्षेत्र में प्राचीन वाकाटक साम्राज्य के अवशेष देखने को मिलेंगे। पक्षी प्रेमियों को पेंटेड स्टॉर्क, ब्लैक स्टॉर्क, डार्टर, ग्रे हेरॉन, फिश ईगल और किंगफिशर जैसे पक्षी दिख सकते हैं। जलाशय के आसपास बाघ, गौर (बायसन), चीतल, सांभर और पानी पीने आने वाले दूसरे जानवर भी पर्यटकों को खींचेंगे।

सोलर बोट पेंच के संवेदनशील वन क्षेत्र में पर्यटन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक अहम कदम भी है। इंजन के तेज शोर के बिना जलाशय में घूमने से पर्यटक प्रकृति को करीब से महसूस कर पाएंगे। 1 अक्टूबर से दूसरी सोलर बोट शुरू होने पर पेंच की जल सफारी का रोमांच और बढ़ेगा।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे