पटोले का आरोप: अंटीलिया मामले में MVA सरकार को बदनाम करने की साजिश रची गई
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने नागपुर में वाझे और परमबीर सिंह को लेकर सवाल उठाए और नागपुर से जिलेटिन आने की जांच मांगी।
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने बुधवार को नागपुर में अंटीलिया प्रकरण को लेकर तत्कालीन महाविकास आघाड़ी (MVA) सरकार को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने अंटीलिया मामले के साथ चुनाव आयोग की एसआईआर मुहिम और किसानों की मदद के मुद्दे पर भी राज्य सरकार को घेरा।
पटोले का आरोप है कि सचिन वाझे और परमबीर सिंह को साथ लेकर तत्कालीन MVA सरकार को बदनाम करने के लिए एक फेक नैरेटिव तैयार किया गया। उनका दावा है कि अंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी कार रखने और मनसुख हिरेन की मौत से जुड़े घटनाक्रम का इस्तेमाल उस सरकार को अस्थिर करने के लिए हुआ।
पटोले ने सवाल उठाया कि अगर अंटीलिया मामले में इस्तेमाल हुआ जिलेटिन नागपुर से आया था, तो उसे उपलब्ध कराने वाले लोग कौन थे और इसकी जानकारी किसे थी। उन्होंने नागपुर से जिलेटिन उपलब्ध होने के मामले की जांच की मांग की। पटोले के मुताबिक जिलेटिन नागपुर से आया था, यह बात सरकार ने विधानसभा में बताई थी। उन्होंने पूछा कि नागपुर से जिलेटिन किसने दिया और इसके पीछे किसका हाथ था। अंटीलिया के बाहर कार रखने वाले व्यक्ति की बाद में पानी में डूबने से मौत हुई, इस पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
वाझे को लेकर पटोले ने दावा किया कि उनके सरकारी गवाह बनने की तैयारी पहले से चल रही थी। इस बीच वाझे की कानूनी स्थिति का मौजूदा घटनाक्रम यह है कि 30 सितंबर को बॉम्बे हाई कोर्ट ने अंटीलिया बम धमकी और मनसुख हिरेन हत्या मामलों में विशेष अदालत की दी हुई वाझे की जमानत पर 7 अक्टूबर तक रोक लगा दी।
पटोले ने यह आरोप भी लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों ने पुलिस अधिकारियों को साथ लेकर महाराष्ट्र को बदनाम करने का काम किया। उन्होंने परमबीर सिंह की वर्तमान स्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि वाझे के सरकारी गवाह बनने की चर्चा के बीच अंटीलिया मामले से जुड़े पुराने सवालों के जवाब सामने आने चाहिए।
पटोले ने यह भी कहा कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे 4 अक्टूबर को मुंबई में जो मार्च निकाल रहे हैं, उसमें कांग्रेस पूरी ताकत से शामिल होगी। दोनों नेताओं ने उस दिन चुनाव आयोग और एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ संयुक्त मार्च की घोषणा की है। मार्च बायकुला से शुरू होकर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक जाएगा।
पटोले ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जो भी संघर्ष करेगा, कांग्रेस उसके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर के विरोध में कांग्रेस आंदोलन करेगी।
पटोले के इन आरोपों पर सरकार या संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अंटीलिया प्रकरण और मनसुख हिरेन की मौत से जुड़े मामले न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
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