मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:46 IST

पानी की किल्लत से परेशान सोलापुर के तुलशी गांव ने खुद को बिक्री पर लगाया

माढा तालुका के तुलशी गांव में गांव वालों ने पानी की मांग पर ध्यान खींचने के लिए गांव बिकाऊ होने के फलक लगाए हैं।

पानी की किल्लत से परेशान सोलापुर के तुलशी गांव ने खुद को बिक्री पर लगाया
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

सोलापुर जिले के माढा तालुका में सूखे की मार बढ़ रही है और पानी की किल्लत गंभीर हो गई है। तुलशी गांव कई सालों से पानी के लिए जूझ रहा है। गांव वालों ने बार-बार मांग की और आंदोलन भी किए, फिर भी मसला हल नहीं हुआ। इसी वजह से लोगों में गुस्सा है।

प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए गांव वालों ने सीधे पूरे गांव को ही 'बिक्री' पर लगा दिया है। गांव में जगह-जगह 'गांव बेचना है' यानी गांव बिकाऊ है, लिखे फलक लगाए गए हैं।

तुलशी में पीने के पानी की भारी कमी है। लोगों को पानी जुटाने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है और महिलाओं को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। सूखे का सबसे बड़ा असर खेती पर पड़ा है। पानी न होने से कई खेत खाली पड़े हैं। जानवरों के लिए चारे और पानी का सवाल भी गंभीर हो गया है। गांव वालों का कहना है कि इससे गांव में रोजगार के मौके घटे हैं और नौजवानों में बेरोजगारी बढ़ रही है।

पानी की इस किल्लत का सामाजिक असर भी अब दिखने लगा है। किसान नारायण कुलकर्णी ने बताया कि उनके पास 15 एकड़ खेती है, लेकिन पानी के बिना वह पड़ी हुई है। उनके मुताबिक गांव में पानी नहीं है, इसलिए हाथ को काम नहीं मिलता और नौजवान बेरोजगार हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पानी की किल्लत की वजह से गांव के 500 से ज्यादा लड़कों की शादियां तय नहीं हो पा रही हैं।

गांव के बापू दगडे ने नाराजगी जताते हुए कहा, "हमारे गांव पर भगवान इतना क्यों नाराज है, समझ नहीं आता। अब तो दूसरे गांव जाकर अपने गांव का नाम बताने में भी शर्म आती है।"

पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए गांव वालों को पूरा गांव बिक्री पर लगाना पड़ा, इससे हालात की गंभीरता साफ होती है। अब गांव वालों की नजर इस पर है कि सरकार और प्रशासन तुलशी के पानी के मसले को गंभीरता से लेकर पक्का हल निकालेंगे या नहीं।

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