पालघर में 3.59 लाख राशन कार्ड धारकों की e-KYC बाकी, 30 सितंबर तक नहीं कराई तो अनाज बंद हो सकता है
पालघर जिले में e-KYC की आखिरी तारीख 30 सितंबर है और 3,59,121 लाभार्थी अब भी बाकी हैं।
पालघर जिले में राशन कार्ड की e-KYC कराने की आखिरी तारीख 30 सितंबर है। जिन लोगों ने इस तारीख तक अपनी e-KYC नहीं कराई, उनका हर महीने का अनाज बंद किया जा सकता है। यह चेतावनी पुरवठा विभाग की तरफ से दी गई है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और फर्जी लाभार्थियों पर लगाम कसने के लिए यह e-KYC मुहिम शुरू की गई थी। अब यह मुहिम आखिरी दौर में पहुंच गई है। पालघर जिले में करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, फिर भी साढ़े तीन लाख से ज्यादा लाभार्थियों ने अब तक अपनी जांच पूरी नहीं कराई है।
आंकड़ों की बात करें तो मार्च 2025 की एंट्री के हिसाब से जिले में 9 लाख से ज्यादा कार्ड धारकों की जांच बाकी थी। पुरवठा विभाग के लगातार पीछे लगे रहने से अब कुल 17 लाख 95 हजार 729 के लक्ष्य में से 14 लाख 36 हजार 608 लोगों की e-KYC कामयाबी से हो चुकी है। बाकी 3 लाख 59 हजार 121 लाभार्थियों को आखिरी मौका देने के लिए सभी रास्ता भाव अनाज दुकानों पर उनकी लिस्ट लगा दी गई है।
तालुका के हिसाब से देखें तो वसई में सबसे ज्यादा 1 लाख 3 हजार 643 राशन कार्ड धारकों की KYC बाकी है। सबसे कम मोखाडा तालुका में है, जहां 18 हजार 851 कार्ड धारकों की KYC बाकी है। बाकी तालुकाओं का हाल यह है: डहाणू में 69,393, पालघर में 57,435, वाडा में 31,809, जव्हार में 39,732, विक्रमगड में 23,592 और तलासरी में 22,626 लाभार्थी बाकी हैं।
e-KYC कराने के दो आसान तरीके बताए गए हैं। पहला, लाभार्थी अपनी पहचान के सबूत के साथ नजदीकी राशन दुकान पर जाएं और वहां e-POS मशीन पर अंगूठे का बायोमेट्रिक ठसा लगवाकर प्रमाणीकरण करा लें। दूसरा, जो लोग मोबाइल इस्तेमाल करते हैं, वे गूगल प्ले स्टोर से MERA e-KYC या Face eKYC नाम का आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें और अपना चेहरा स्कैन करके घर बैठे e-KYC पूरी कर लें। प्रशासन ने यही जानकारी दी है।
पालघर की प्रभारी जिला पुरवठा अधिकारी सीमा महल्ले ने साफ कहा, "सरकार के नियम के मुताबिक राशन बांटने की व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए यह जांच जरूरी है। आखिरी तारीख में बस कुछ ही दिन बचे हैं, इसलिए हर लाभार्थी 30 सितंबर से पहले अपनी e-KYC पूरी कर ले, ताकि आगे नियमित अनाज की सप्लाई बिना रुकावट चलती रहे।"