ओवैसी का दावा: गडकरी ने AIMIM के पांच विधायकों को 45 मिनट दिए, यूपी चुनाव को बताया अलग
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कानपुर में नितीन गडकरी से जुड़ा एक किस्सा सुनाया और साथ ही भाजपा पर निशाना भी साधा।
देश की राजनीति में इन दिनों रोज नए-नए बयान और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल रहे हैं। इसी बीच केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी को लेकर एक चौंकाने वाला बयान उनके कट्टर विरोधी माने जाने वाले एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी की तरफ से आया है। ओवैसी ने गडकरी की सार्वजनिक तौर पर तारीफ की और उनका शुक्रिया भी अदा किया।
रविवार यानी 20 सितंबर को ओवैसी कानपुर में थे। वहां उन्होंने बताया कि बिहार से चुनकर आए अपने पांच विधायकों की गडकरी से हुई मुलाकात के बाद क्या हुआ। इस बयान के बाद से राजनीतिक हलकों में जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है।
ओवैसी ने बताया कि बिहार में एआईएमआईएम के पांच विधायक जीतकर आने के बाद उन्होंने नितीन गडकरी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में गडकरी ने विधायकों की बात बड़े इत्मीनान से सुनी और उन्हें पूरे 45 मिनट का वक्त दिया। इस दौरान विधायकों ने पुराने पुलों, अंडरपास और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं गडकरी के सामने रखीं। ओवैसी के मुताबिक उन्होंने गडकरी से कहा, सर, आप फोन करके काम शुरू करवा दीजिए। इस पर गडकरी ने तुरंत फोन लगाया और संबंधित अफसरों को जल्द से जल्द काम शुरू करने के निर्देश दे दिए।
ओवैसी ने यह भी बताया कि गडकरी ने उन अफसरों से कहा था, मजलिसवाले मेरे घर आकर बैठे हैं। इसी किस्से का जिक्र करते हुए ओवैसी ने गडकरी का सार्वजनिक रूप से आभार जताया।
इसके बाद ओवैसी ने सीधे उत्तर प्रदेश की सियासत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आने वाला विधानसभा चुनाव पहले जैसे चुनावों से बिल्कुल अलग होगा। उनके मुताबिक 2014, 2017, 2019 और 2022 के मुकाबले इस बार का चुनाव अलग और चुनौतीपूर्ण साबित होगा।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के दौर में यादव राजनीति की बात होती थी, तो अब ठाकुर वर्चस्व की चर्चा हो रही है।
उत्तर प्रदेश में विकास, बिजली और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी ओवैसी ने सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के शासनकाल में गरीबों की जमीनें हड़प ली गईं। ओवैसी ने कहा, पहले समाजवादी पार्टी की सरकार में एक तरह की गुंडागर्दी थी, अब योगी सरकार में दूसरी तरह की गुंडागर्दी है।
ओवैसी ने राम मंदिर से जुड़ी कथित गड़बड़ी की एसआईटी रिपोर्ट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि सरकार यह रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं करती। साथ ही उन्होंने कहा कि इन मामलों के आरोपियों को जमानत कैसे मिल जाती है, यह सवाल भी आने वाले चुनाव में एक बड़ा मुद्दा बनेगा।
गडकरी का सार्वजनिक शुक्रिया अदा करना और उसी सांस में भाजपा पर तीखा हमला करना, ओवैसी के इस बयान को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज होने की वजह बन गया है।