ऑक्टोबर में भी तपा महाराष्ट्र, रत्नागिरी में पारा 39.2 डिग्री पर पहुंचा
ऑक्टोबर के बीच में राज्य में गर्मी बढ़ गई है। सोमवार को रत्नागिरी में राज्य का सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
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पुणे : पिछले कुछ दिनों से मौसम में काफी बदलाव महसूस हो रहा है। अक्टूबर के बीच में ही राज्य में गर्मी का असर बढ़ गया है। सोमवार को रत्नागिरी में राज्य का सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अक्टूबर की यह तपिश सबका ध्यान खींच रही है। कुछ इलाकों में हालात ऐसे बन गए हैं कि वैशाख महीने की झुलसाने वाली गर्मी भी फीकी लगे।
भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक नंदुरबार में 38.9 डिग्री, हर्णे में 38.5 डिग्री, मालेगाव में 38.4 डिग्री और मुंबई के सांताक्रूज में 38.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। ठाणे-बेलापुर में 38 डिग्री, सोलापुर में 37.9 डिग्री और जलगांव में पारा 37.4 डिग्री तक पहुंचा। मौसम विभाग ने बताया है कि यह पिछले तीन साल का सबसे ऊंचा अधिकतम तापमान है।
मुंबई के कुलाबा केंद्र में 36.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज नहीं हुई है, इसलिए गर्मी का असर बना हुआ है। अक्टूबर में भी पारा 38 से 39 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है, जिससे लोगों को धूप की तकलीफ झेलनी पड़ रही है। हर्णे में 12 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था।
अगले दो दिन मुंबई और आसपास के इलाके में तापमान ऊंचाई पर रह सकता है। कुछ जगहों पर पारा 39 डिग्री तक जाने की संभावना है। मुंबई महानगर क्षेत्र समेत मुंबई में 13 और 14 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे गिरावट का अनुमान मौसम विशेषज्ञों ने जताया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 से 17 अक्टूबर के बीच अधिकतम तापमान 36 से 37 डिग्री तक नीचे आ सकता है। हालांकि दिन का तापमान घटने लगे, तब भी नमी की वजह से उमस बनी रहने की संभावना जताई गई है।
राज्य से मानसून लौट जाने के बाद अब अक्टूबर के आखिरी हिस्से में फिर बारिश के संकेत मिल रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग के विस्तारित श्रेणी के अनुमान के नक्शे के मुताबिक 22 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच महाराष्ट्र समेत पश्चिमी तटीय पट्टी के कुछ हिस्सों में औसत से ज्यादा बारिश की संभावना दिख रही है।