ओबीसी जनगणना में अलग कॉलम की मांग, नागपुर में सत्याग्रह; 25 अक्टूबर को जिलों में मोर्चे
सकल ओबीसी महामोर्चा ने नागपुर के सीताबर्डी में सत्याग्रह कर आगामी जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम मांगा और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
आने वाली जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम रखकर जाति के आधार पर गिनती कराई जाए, इस मांग को लेकर सकल ओबीसी महामोर्चा ने शुक्रवार को नागपुर में सत्याग्रह आंदोलन किया। यह राज्यव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन सीताबर्डी के वैरायटी चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास हुआ। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री की जयंती के मौके पर दोपहर 12 बजे यह आंदोलन किया गया।
महामोर्चा का कहना है कि अगर आगामी जनगणना में ओबीसी के सही आंकड़े मिल जाएं, तो शैक्षणिक आरक्षण, सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व, कल्याणकारी योजनाओं और बजट के प्रावधानों का फायदा आखिरी तबके तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। कोराम ने बताया कि 2 अक्टूबर का यह सत्याग्रह आगे के आंदोलन की शुरुआत है।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि केंद्र सरकार ने ओबीसी की अलग डिजिटल जनगणना पर तुरंत फैसला नहीं लिया, तो 25 अक्टूबर को राज्य के सभी जिलों में महामोर्चे निकाले जाएंगे। इसके बाद भी अनदेखी हुई, तो नवंबर में "चलो दिल्ली" आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन में एड. बाणते, सुरेश गुधडे, अंजली साळवे, राम अभिविलास नखाते, ज्ञानेश्वर रक्षक, सुषमा भड, प्रताप पटले, साधना बोरकर, अर्चना बर्डे, नयना झाडे, विजेता धोटे, बाबा तुमसरे, समीर अरबट समेत कई कार्यकर्ता शामिल हुए।
महामोर्चा के मुख्य संयोजक उमेश कोर्राम के मुताबिक, महाराष्ट्र में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी मिलाकर आधिकारिक तौर पर सिर्फ 394 जातियां हैं। इसके बावजूद 2011 की सामाजिक, आर्थिक और जाति जनगणना में 4 लाख 28 हजार जातियां दर्ज हुईं। कोर्राम ने कहा कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में यह बात खुद कही है।
कोर्राम ने सवाल उठाया कि अगर केंद्र सरकार का कहना है कि 2011 की जनगणना गलत और खामियों से भरी थी, तो आने वाली जनगणना में फिर वही तरीका क्यों अपनाया जा रहा है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के इस्तीफे की मांग भी की।
आंदोलनकारियों का दावा है कि 2011 की जनगणना में गलत एंट्री होने से पूरे देश में जातिवार जानकारी बेमेल हो गई। उन्होंने मांग की कि आने वाली डिजिटल जनगणना के एप्लिकेशन में ओबीसी के लिए अलग कॉलम दिया जाए। साथ ही केंद्र और राज्यों की आधिकारिक सूचियों के हिसाब से प्री-कोडेड ड्रॉप-डाउन मेन्यू भी उपलब्ध कराया जाए।
आंदोलन में नागपुर समेत विदर्भ के ओबीसी समाज के लोग, किसान, महिलाएं और नौजवान बड़ी संख्या में पहुंचे। "हमारा हक मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते" जैसे नारों से पूरा आंदोलन परिसर गूंजता रहा।