न्यूझीलंड दौरा: कसोटी से पहले सिर्फ 4 दिन का गैप, गिल-बुमराह आखिरी 2 वनडे से बाहर हो सकते हैं
टीम इंडिया के न्यूझीलंड दौरे के टाइट शेड्यूल की वजह से कई सीनियर खिलाड़ियों को आखिरी दो वनडे मुकाबलों से आराम मिल सकता है, ताकि वे टेस्ट सीरीज की तैयारी कर सकें।
भारतीय टीम के आने वाले न्यूझीलंड दौरे के शेड्यूल को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच होने वाले इस मल्टी-फॉर्मेट दौरे में भारत पांच टी-20, पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेलेगा। लेकिन व्यस्त और चुनौतीपूर्ण शेड्यूल की वजह से टीम मैनेजमेंट को आखिरी दो वनडे मुकाबलों में कमजोर टीम उतारनी पड़ सकती है। इस वजह से दौरे की प्लानिंग और मैचों के क्रम पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
दौरे की शुरुआत 22 अक्टूबर 2026 को क्राइस्टचर्च में पहले टी-20 मैच से होगी। दूसरा टी-20 24 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में, तीसरा 27 अक्टूबर को वेलिंग्टन में, चौथा 30 अक्टूबर को ऑकलैंड में और पांचवां व आखिरी टी-20 1 नवंबर को हैमिल्टन में खेला जाएगा। सभी टी-20 मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे शुरू होंगे।
टी-20 सीरीज के फौरन बाद वनडे सीरीज शुरू होगी। पहला वनडे 4 नवंबर को ऑकलैंड में, दूसरा 7 नवंबर को वेलिंग्टन में और तीसरा 10 नवंबर को हैमिल्टन में होगा। इसके बाद आखिरी दो वनडे माउंट माउंगानुई में खेले जाएंगे - चौथा वनडे 13 नवंबर को और पांचवां 15 नवंबर को। सभी वनडे मैच भारतीय समयानुसार सुबह 7:30 बजे शुरू होंगे।
असली दिक्कत पांचवें वनडे और पहले टेस्ट के बीच के कम गैप की है। पांचवां वनडे 15 नवंबर को खत्म होने के सिर्फ चार दिन बाद, पहला टेस्ट 19 से 23 नवंबर के बीच वेलिंग्टन में खेला जाएगा। इसके बाद सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट 27 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच क्राइस्टचर्च में होगा। टेस्ट मैच भारतीय समयानुसार सुबह 3:30 बजे शुरू होंगे।
सिर्फ चार दिन के इस गैप की वजह से कई अहम खिलाड़ियों के लिए दोनों फॉर्मेट में एक साथ खेलना मुश्किल हो जाता है। शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल, नीतीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज जैसे स्टार खिलाड़ी वनडे और टेस्ट दोनों टीमों के अहम मेंबर हैं। टेस्ट मैचों की सही तैयारी पक्की करने के लिए इन सभी खिलाड़ियों को आखिरी दो वनडे मैचों में आराम दिया जा सकता है, ताकि वे रेड-बॉल क्रिकेट की प्रैक्टिस शुरू करने के लिए वक्त पर वेलिंग्टन पहुंच सकें।
कप्तान शुभमन गिल हमेशा से टेस्ट क्रिकेट के लिए गहरी और मजबूत तैयारी के हिमायती रहे हैं, लेकिन इस बार उनकी यह सोच वनडे सीरीज की कीमत पर आती दिख रही है। गिल के न रहने पर, उप-कप्तान श्रेयस अय्यर को आखिरी दो वनडे मैचों के लिए भारतीय टीम की कमान सौंपी जा सकती है।
खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ को भी दो हिस्सों में बांटा गया है। मुख्य कोच गौतम गंभीर, बॉलिंग कोच मॉर्न मॉर्कल, असिस्टेंट कोच सितांशु कोटक और फील्डिंग कोच शुभदीप घोष समेत दो कोच आखिरी दो वनडे मैचों के लिए टीम के साथ रहेंगे। बाकी दो कोच टेस्ट टीम के खिलाड़ियों के साथ पहले टेस्ट की तैयारी के लिए जल्दी वेलिंग्टन रवाना हो जाएंगे।
इस हालात की वजह से क्रिकेट का शेड्यूल तैयार करने वाले अधिकारियों के कामकाज और प्लानिंग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी के लिहाज से यह वनडे सीरीज भारत के लिए बेहद अहम मानी जा रही थी। बताया जा रहा है कि अगर टी-20 मैच वनडे मैचों के बाद रखे जाते, तो यह स्थिति पैदा नहीं होती, क्योंकि टी-20 और टेस्ट टीम के खिलाड़ियों में ज्यादा ओवरलैप नहीं होता। सबसे चिंता की बात यह है कि शेड्यूल फाइनल करते वक्त भारतीय टीम मैनेजमेंट से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया।