मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
17:27 IST

NCMC कार्ड से पैसे कट रहे, टिकट नहीं निकल रहा; श्रीरंग बरगे ने जांच मांगी

एसटी कामगार कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे ने NCMC कार्ड प्रोजेक्ट की तकनीकी दिक्कतों पर कंपनी और टेंडर प्रक्रिया की जांच की मांग की है।

NCMC कार्ड से पैसे कट रहे, टिकट नहीं निकल रहा; श्रीरंग बरगे ने जांच मांगी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) का नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) प्रोजेक्ट तकनीकी दिक्कतों, कार्ड बांटने में हो रही परेशानियों और यात्रियों व कंडक्टरों की मुश्किलों की वजह से नाकाम होता दिख रहा है, ऐसा एसटी कामगार कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे का कहना है। उन्होंने मांग की है कि यह कंपनी इस प्रोजेक्ट को संभालने के काबिल है या नहीं, इसकी और टेंडर प्रक्रिया की गहराई से जांच की जाए। (४ अक्टूबर)

१ अक्टूबर से महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को रियायत का फायदा लेने के लिए NCMC कार्ड जरूरी कर दिया गया है। बरगे के मुताबिक इस फैसले से यात्रियों और टिकट मशीन चलाने वाले कंडक्टरों को काफी परेशानी हो रही है। कंडक्टरों को इस सिस्टम का इस्तेमाल करते वक्त बार-बार तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं।

बरगे ने एक और बात उठाई है। ऑनलाइन टिकट निकालते समय वही रियायत अब भी मिलती दिख रही है। इसी वजह से उन्होंने NCMC कार्ड को जरूरी करने के फैसले पर भी सवाल खड़ा किया है।

बरगे का कहना है कि NCMC कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पेचीदा है और आम यात्रियों को कार्ड निकलवाने में कई अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि १९९ रुपये की कीमत वाला कार्ड प्राइवेट एजेंटों के पास २५० से ३०० रुपये में बेचे जाने की शिकायतें हैं। इस कथित अतिरिक्त वसूली की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग भी बरगे ने की है।

कंपनी की क्षमता पर भी बरगे ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रोजेक्ट कंपनी को देते वक्त की गई टेंडर प्रक्रिया, करार की शर्तों और अमल के तरीके को लेकर शंकाएं पैदा हो रही हैं। इसलिए जांच होनी चाहिए कि कंपनी वाकई काबिल है या नहीं।

यात्रियों को डिजिटल सुविधा देते वक्त जमीन पर कई दिक्कतें आ रही हैं। कुछ यात्रियों के पास NCMC कार्ड है और उसमें पूरा बैलेंस भी है, लेकिन कार्ड रीड नहीं होता। कुछ के पास QR कोड वाली रसीद है, मगर मशीन उसे स्कैन नहीं करती। कई बार रकम कट जाती है, पर टिकट प्रिंट नहीं होता। नेटवर्क और सर्वर की दिक्कत भी आती है। इससे कंडक्टरों को बेवजह परेशानी झेलनी पड़ रही है।

बरगे का कहना है कि कंपनी को इसका हल निकालने के लिए काफी वक्त मिला, फिर भी अगर वह नाकाम रहती है तो ऐसे प्रोजेक्ट को लागू करने पर दोबारा सोचने की जरूरत है। यह मांग श्रीरंग बरगे ने की है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे