नायरा एनर्जी के पंपों पर पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये महंगा
नायरा एनर्जी ने शनिवार 3 अक्टूबर से देशभर के अपने पंपों पर पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये महंगा कर दिया है।
महंगाई से जूझ रहे आम आदमी की जेब पर अब एक और बोझ पड़ने वाला है। देश की एक बड़ी प्राइवेट फ्यूल कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। नायरा एनर्जी देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल सप्लाई कंपनियों में से एक है।
कंपनी के फैसले के मुताबिक शनिवार, 3 अक्टूबर से देशभर में उसके सभी पंपों पर पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये महंगा हो गया है। नए रेट पूरे देश में लागू हैं। इससे गाड़ी चलाने वालों की टेंशन बढ़ गई है, और कहा जा रहा है कि इसका असर माल ढुलाई और दूसरे सेक्टरों पर भी पड़ सकता है।
यह पहली बार नहीं है। इससे पहले मार्च के महीने में भी कंपनी ने ऐसी ही बढ़ोतरी की थी। फिर जुलाई में कच्चा तेल सस्ता हुआ तो वह बढ़ोतरी वापस ले ली गई थी। लेकिन अब दाम फिर से बढ़ा दिए गए हैं, इसलिए ग्राहकों को अच्छा खासा आर्थिक झटका लगेगा।
इस अचानक बढ़ोतरी की मुख्य वजह इंटरनेशनल बाजार की उथल-पुथल बताई जा रही है। दुनियाभर में कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चले गए हैं। भू-राजनीतिक तनाव और एनर्जी सप्लाई में रुकावट की वजह से कंपनियों को उत्पादन और आयात पर भारी खर्च उठाना पड़ रहा है। बढ़े हुए इसी खर्च और इंटरनेशनल रेट के फर्क को कम करने के लिए कंपनी ने यह फैसला लिया है।
खास बात यह है कि सरकारी तेल कंपनियों IOCL, BPCL और HPCL ने अब तक अपने दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। इस वजह से सरकारी और प्राइवेट पंपों के रेट में बड़ा फर्क पैदा हो गया है।
इस बढ़ोतरी की मार सिर्फ अपनी गाड़ी चलाने वालों पर ही नहीं पड़ेगी। डीजल महंगा होने से लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा। इसलिए डर जताया जा रहा है कि सब्जियों और दूसरी जरूरी चीजों के दामों पर भी घुमा-फिराकर असर पड़ सकता है।
एक बात और, अलग-अलग राज्यों में वैट और स्थानीय टैक्स अलग होते हैं। इसलिए आखिरी कीमत में थोड़ा फर्क हो सकता है।