नवरात्रि में 'जय जय स्वामी समर्थ' के खास एपिसोड, चार पीड़ित औरतों के साथ स्वामी और रणजीत की टक्कर
नवरात्रि में 'जय जय स्वामी समर्थ' के विशेष एपिसोड में स्वामी और रणजीत की टक्कर दिखेगी।
'जय जय स्वामी समर्थ' मालिका में नवरात्रि के मौके पर एक खास सिलसिला दर्शकों के सामने आने वाला है। इन विशेष एपिसोड का नाम है 'जागर शक्ति का - महिमा स्वामी का'। इनमें स्वामी कुछ पीड़ित औरतों को एक साथ लाएंगे और उन्हें उनके अंदर छिपी ताकत का एहसास कराएंगे।
इस सिलसिले के केंद्र में अक्कलकोट के सुभेदार का साला रणजीत है। सत्ता और अधिकार का गलत इस्तेमाल करके रणजीत ने गांव के कई लोगों पर अन्याय किया है। उसके अत्याचार का शिकार हुई चार औरतों की कहानी इन एपिसोड में सामने आएगी।
चारों की हालत अलग-अलग है, लेकिन उनके दर्द की जड़ एक ही है, और वह है रणजीत की महिषासुरी प्रवृत्ति। इसीलिए आने वाले एपिसोड में स्वामी बनाम रणजीत की टक्कर देखने को मिलेगी।
कहानी की शुरुआत स्वामी की एक अनोखी लीला से होती है। स्वामी अपने सेवेकरियों को बताते हैं कि आने वाली नवरात्रि में स्त्रीशक्ति का जागर होने वाला है। इसके बाद चारों औरतों की जिंदगी के संघर्ष का काला पहलू खुलने लगता है।
पहली कहानी मधुवंती की है। सिर्फ 21 साल की मधुवंती का कुंकू रणजीत की वजह से मिट गया है। रणजीत के साथ कुश्ती जीतने वाले उसके पति की रणजीत ने हत्या कर दी। पति की मौत के बाद मधुवंती मंदिर जाकर न्याय के लिए फरियाद करती है, और तभी उसकी जिंदगी में स्वामी का प्रवेश होता है।
स्वामी मधुवंती को हौसला देते हुए भरोसा दिलाते हैं कि "तुझे न्याय मिलेगा"। लेकिन न्याय पाने का उसका रास्ता आसान नहीं है। रणजीत उसके दुख में भी रुकावटें डालने की कोशिश करता है। पति की मौत के बाद के विधियों में भी वह अड़चन डालने की कोशिश करेगा। फिर भी हर बार स्वामी की लीला मधुवंती की मदद के लिए दौड़ी आएगी।
मधुवंती की कहानी के साथ ही स्वामी और रणजीत के बीच टकराव की चिंगारी भी भड़कती है। औरतों के आत्मसम्मान को चुनौती देने वाले रणजीत को स्वामी साफ और सख्त शब्दों में सुनाते हैं।
रणजीत के मन में घमंड है कि औरतें कमजोर हैं और वे उसका कुछ बिगाड़ नहीं सकतीं। मगर स्वामी उसे याद दिलाते हैं कि हर औरत के अंदर देवी की शक्ति छिपी है।
स्वामी की चेतावनी, "तू भूल रहा है... नवरात्र आ रहा है!", रणजीत को हिलाकर रख देती है। जिन औरतों को वह अब तक कमजोर समझता आया, वही अब उसके खिलाफ खड़ी होने वाली हैं।
चारों औरतों को झुकाने के लिए रणजीत अपनी पूरी ताकत झोंक देगा। धमकी, दबाव, हमले और सत्ता के गलत इस्तेमाल से वह उन्हें डराने की कोशिश करेगा। लेकिन हर मुसीबत में स्वामी उनके साथ खड़े रहेंगे।
नवरात्रि के इस खास सिलसिले में चार पीड़ित औरतों का सफर दुख से संघर्ष की ओर और संघर्ष से आत्मबल की ओर होता दिखेगा। इस सफर का अंजाम विजयादशमी के सीमोल्लंघन में होगा।
इन चारों औरतों के अंदर छिपी ताकत आखिर कैसे जागेगी, वे रणजीत के अत्याचारों का सामना कैसे करेंगी और स्वामी की लीला उन्हें कहां तक ले जाएगी, इन सवालों के जवाब 'जागर शक्ति का - महिमा स्वामी का' के इन विशेष एपिसोड में मिलेंगे। मालिका का यह सिलसिला सिर्फ चार औरतों के संघर्ष की कहानी नहीं है, बल्कि औरत के आत्मसम्मान और अन्याय के खिलाफ खड़े होने की ताकत की कहानी भी पेश करेगा।