बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

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20:20 IST

नशा शरीर और समाज को खोखला करने वाला कैंसर: मंत्री लोढ़ा की पालकों और शिक्षकों से अपील

मुंबई विद्यापीठ के कलिना कैंपस में 'ड्रग्स फ्री मुंबई' के तहत विद्यार्थी समुपदेशन सत्र और शिक्षक प्रशिक्षण हुआ।

नशा शरीर और समाज को खोखला करने वाला कैंसर: मंत्री लोढ़ा की पालकों और शिक्षकों से अपील तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नशे की लत एक बार शरीर और दिमाग में घुस जाए तो उससे बाहर निकलना बहुत मुश्किल हो जाता है। कितना भी इलाज करा लें, उसके असर अक्सर उम्र भर तकलीफ देते रहते हैं। इसीलिए कौशल्य, रोजगार, उद्योजकता और नवाचार विभाग के मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने नशे को शरीर और समाज को खोखला करने वाला कैंसर बताया और इस पर चिंता जताई।

लोढ़ा के मुताबिक खुद को और अपनी अगली पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए सबको मिलकर इसके खिलाफ लड़ना आज की जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों और पालकों से अपील की कि जैसे बच्चों को गुड टच और बैड टच का फर्क सिखाया जाता है, वैसे ही अब 'गुड फ्रेंड' और 'बैड फ्रेंड' का फर्क समझाकर उनमें जागरूकता लाई जाए।

यह बात उन्होंने बुधवार को सांताक्रुझ पूर्व में कलिना कैंपस स्थित मुंबई विद्यापीठ के ग्रीन टेक्नॉलॉजी ऑडिटोरियम में कही। वहां 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत 'ड्रग्स फ्री मुंबई - विद्यार्थी समुपदेशन सत्र व शिक्षण प्रशिक्षण' कार्यक्रम रखा गया था। 'ड्रग्स फ्री मुंबई' अभियान में स्कूल, कॉलेज, संस्थाओं, संगठनों और पुलिस प्रशासन ने अच्छा काम किया था। ऐसे 21 लोगों का मंत्री लोढ़ा के हाथों सत्कार किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने नशामुक्ति की प्रतिज्ञा भी ली।

लोढ़ा ने आगे बताया कि 'ड्रग्स फ्री मुंबई' अभियान की शुरुआत 30 जुलाई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों हुई थी। यह अभियान पूरे साल चलेगा। उन्होंने कहा कि नशे के रास्ते अपराध की प्रवृत्ति भी समाज में घुस रही है और इस खतरे को पहचानना होगा।

उन्होंने कहा कि आज जंग की परिभाषा बदल चुकी है। तलवार, बंदूक, बम या एटम बम की जगह नकली नोट छापकर किसी देश की अर्थव्यवस्था कमजोर करना, या उस देश की युवा पीढ़ी को नशे की आदत लगा देना, ये भी बड़ी चुनौतियां हैं। लोढ़ा के मुताबिक किसी परिवार का नौजवान नशे की गिरफ्त में आ जाए तो उसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है।

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लोढ़ा ने लिखा कि कार्यक्रम में अलग-अलग सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को मार्गदर्शन दिया। ये संस्थाएं अलग-अलग स्तर पर नशामुक्त युवा पीढ़ी बनाने के लिए काम कर रही हैं। आज से ये संस्थाएं मिलकर 'ड्रग्स फ्री मुंबई' अभियान के जरिए स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों की काउंसलिंग करेंगी। उन्होंने सबसे इन संस्थाओं के प्रयासों में साथ देने की अपील की।

लोढ़ा ने कहा कि मुंबई का विकास होते समय उसे नशे से सुरक्षित रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 'ड्रग्स फ्री भारत' का संकल्प जताया है। विकसित भारत की नींव युवाओं की ताकत पर ही खड़ी होगी। इसलिए युवा नशे से दूर रहें और हर कोई 'ड्रग्स फ्री मुंबई' अभियान में हाथ बंटाए, ऐसी अपील उन्होंने की।

कार्यक्रम में टाटा इन्स्टिट्यूट ऑफ सोशल सायन्स की सहायक प्राध्यापक डॉ. साईगीता चित्तूरू ने 'किशोरावस्था' विषय पर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया। ब्रह्मकुमारी प्रशांती ने बच्चों से 'Be Smart Be Strong Within' विषय पर बात की। डिवाइन टच संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि अच्छी चीजों का सही 'चुनाव' कैसे किया जाए।

इस मौके पर मुंबई उपनगर जिले के जिलाधिकारी सौरभ कटियार, मुंबई विद्यापीठ के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी, पुलिस अधिकारी, संस्थाओं और संगठनों के प्रतिनिधि, विद्यार्थी और पालक बड़ी संख्या में मौजूद थे।

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