मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:21 IST

नागपुर स्नातक सीट: 23 अक्टूबर को वोटिंग, भाजपा-कांग्रेस में सीधी टक्कर

नागपुर स्नातक सीट: 23 अक्टूबर को वोटिंग, भाजपा-कांग्रेस में सीधी टक्कर
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

चुनाव आयोग ने नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। विधान परिषद की इस सीट पर अब हमेशा की तरह भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला होने वाला है, और दोनों पार्टियों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इस बार मतदाताओं का पंजीयन भी नए सिरे से हुआ है, और माना जा रहा है कि जिस पार्टी ने ज्यादा मतदाताओं का नाम दर्ज करवाया, जीत की संभावना उसी की बढ़ जाएगी।

इस सीट का इतिहास देखें तो 1958 से 2020 तक, यानी करीब 62 साल तक यहां जनसंघ और भाजपा का ही कब्जा रहा। 1978 के बाद तो यह सीट भाजपा का पक्का गढ़ ही बन गई थी। लेकिन 2020 के चुनाव में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने भाजपा को यहां से उखाड़ फेंका। अब 23 अक्टूबर को वोटिंग होने वाली है, तो भाजपा हर हाल में अपना पुराना किला वापस पाना चाहेगी, वहीं कांग्रेस इस सीट को किसी भी सूरत में गंवाना नहीं चाहेगी।

2020 के चुनाव में भाजपा ने अपने विप सदस्य अनिल सोले की जगह संदीप जोशी को टिकट दी थी, जबकि कांग्रेस ने अभिजीत वंजारी को उतारा था। उस चुनाव में कुल 2,07,000 मतदाता रजिस्टर्ड थे और 1,32,923 वोट पड़े थे। नतीजा भाजपा के लिए झटका साबित हुआ, जोशी को सिर्फ 42,792 वोट मिले जबकि वंजारी ने 61,701 वोट लेकर उन्हें 18,910 वोटों से हरा दिया।

इस बार कांग्रेस फिर से अभिजीत वंजारी को ही मैदान में उतारने की तैयारी में है, जो महीनों से मतदाता पंजीयन और अपने पक्ष में प्रचार में जुटे हुए हैं। वंजारी का दावा है कि इस बार वे कम से कम 25,000 वोटों के अंतर से जीत हासिल करेंगे। दूसरी ओर भाजपा ने अपने पूर्व विधायक सुधाकर कोहले को मतदाता पंजीयन का प्रभारी बनाया है और उन्हें उम्मीदवारी का वादा भी किया गया था। कोहले का कहना है कि अगर उन्हें मौका मिला तो सीट फिर से भाजपा की झोली में आएगी, हालांकि पार्टी ने अभी तक उम्मीदवार के नाम पर मुहर नहीं लगाई है।

चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन भरने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है, और 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर रखी गई है। 23 अक्टूबर को मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा, और 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी। पूरी प्रक्रिया 31 अक्टूबर से पहले पूरी कर ली जाएगी। यह चुनाव कार्यक्रम राज्य के 3 स्नातक और 2 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए एक साथ घोषित हुआ है।

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में नागपुर, वर्धा, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गड़चिरोली, इन सभी 6 जिलों में तुरंत असर से आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। अभिजीत वंजारी का मौजूदा कार्यकाल 6 दिसंबर को खत्म हो रहा है।

इस सीट के इतिहास पर नजर डालें तो 1978 और 1984 के चुनाव में स्वर्गीय गंगाधरराव फडणवीस जीते थे, और उसके बाद 1990 से 2008 तक लगातार 4 चुनावों में नितिन गडकरी विजयी होते रहे। 2002 के चुनाव में तो गडकरी निर्विरोध ही चुन लिए गए थे। 2014 के चुनाव में भाजपा ने अनिल सोले को टिकट दी और वे जीते, लेकिन पिछले चुनाव में वंजारी ने जोशी को हराकर जनसंघ के जमाने से चले आ रहे इस भाजपा के गढ़ को तोड़ दिया। 1958 में जब इस सीट पर पहली बार चुनाव हुआ था, तब जनसंघ के बच्छराज व्यास चुने गए थे। इसके बाद 1970 तक श्रीधर सोहोनी, विष्णु देशपांडे, रामजीवन चौधरी, डॉ. मोतीराम लहाने और डॉ. प्रमिला टोपले भी विधान परिषद पहुंचे थे।

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