नागपुर में भाजयुमो कार्यकर्ता एम्बुलेंस में राहुल गांधी का पुतला लेकर मनोरुग्णालय पहुंचे
भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता राहुल गांधी का प्रतीकात्मक पुतला एम्बुलेंस में लेकर नागपुर के प्रादेशिक मनोरुग्णालय पहुंचे और उसे इलाज के लिए भर्ती करने की मांग की।
नागपुर में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने अलग ढंग का आंदोलन किया। वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी का प्रतीकात्मक पुतला एम्बुलेंस में रखकर प्रादेशिक मनोरुग्णालय ले गए और अस्पताल प्रशासन से कहा कि इस पुतले को इलाज के लिए भर्ती कर लिया जाए।
कार्यकर्ता एम्बुलेंस में पुतला लेकर सीधे मनोरुग्णालय के परिसर के अंदर दाखिल हो गए। इससे वहां कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल दिखा।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं का कहना है कि राहुल गांधी का दिमाग ठिकाने पर नहीं है। उनके मुताबिक राहुल गांधी बार-बार संघ, प्रधानमंत्री मोदी, चुनाव आयोग और भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगाते हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनके डॉक्टरों ने बताया है कि राहुल गांधी को मानसिक इलाज की जरूरत है। इसी वजह से उनकी मांग है कि राहुल गांधी को इलाज के लिए नागपुर के प्रादेशिक मनोरुग्णालय में भर्ती किया जाए। कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि वे राहुल गांधी की सेहत की फिक्र के लिए यह आंदोलन कर रहे हैं।
यह आंदोलन ऐसे वक्त हुआ है जब एसआईआर के मुद्दे पर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जवाब दिया था। फडणवीस ने कहा था कि राहुल गांधी का दिमाग चोरी हो गया है।
फडणवीस ने कहा था कि कांग्रेस और राहुल गांधी वोट चोरी की बात कर रहे हैं, लेकिन इनका अपना दिमाग चोरी हो गया है। उन्होंने कहा कि वे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुजारिश करते हैं कि क्या कोई जांच समिति बनाई जा सकती है, जो इनका चोरी हुआ या गिरवी रखा दिमाग वापस ला दे। उनका सवाल था कि क्या ऐसा कोई इंतजाम हो सकता है कि वह दिमाग इन्हें लौटा दिया जाए।
आगे फडणवीस ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का भरोसा जीत नहीं पा रहे, इसलिए व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा करने की रणनीति बनाई जा रही है।
फडणवीस ने यह भी कहा कि ऐसी कोशिशों से संवैधानिक संस्थाएं कमजोर नहीं होंगी। उनके मुताबिक एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयुक्त स्पष्टीकरण दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि सारी प्रक्रियाएं सर्वसम्मति से हुई हैं। कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजा गया पत्र किसी व्यक्तिगत मामले से जुड़ा नहीं है, बल्कि डेप्युटेशन पर नियुक्ति से जुड़ा है, ऐसा भी फडणवीस ने कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि फॉर्म नंबर 6 के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने जो स्वरूप तय किया है, प्रक्रिया उसी के मुताबिक चल रही है।