नागपुर के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल में जीएसटी रिफॉर्म्स पर दो दिन की नेशनल कॉन्फ्रेंस खत्म
ICSSR नई दिल्ली के साथ मिलकर सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, नागपुर ने जीएसटी सुधारों पर दो दिन की नेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया।
नागपुर के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल में इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च यानी ICSSR, नई दिल्ली के साथ मिलकर 18 और 19 सितंबर 2026 को दो दिन की नेशनल कॉन्फ्रेंस हुई। इसका विषय था "जीएसटी रिफॉर्म्स एंड देयर सोशियो-इकोनॉमिक इम्पैक्ट: एक्सप्लोरिंग डिजिटलाइजेशन, कम्प्लायंस एंड ईज ऑफ डूइंग बिजनेस।"
उद्घाटन सेशन में CGST, कस्टम्स एंड सेंट्रल एक्साइज, नागपुर जोन के चीफ कमिश्नर श्री संदीप पुरी, नेशनल एकेडमी ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज के एडिशनल डायरेक्टर जनरल (एडमिनिस्ट्रेशन) श्री आर.एस. अरविंदाक्षन और महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, नागपुर के इंचार्ज वाइस-चांसलर डॉ. विजय प्रताप तिवारी मौजूद रहे। कॉन्फ्रेंस के कन्वीनर और सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, नागपुर के डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) सुखविंदर सिंह दारी ने सबका स्वागत किया। डॉ. तिवारी ने "वन नेशन, वन टैक्स" की तरफ भारत के सफर पर कोऑपरेटिव-फेडरलिज्म के फ्रेमवर्क में बात की। श्री अरविंदाक्षन ने जीएसटी को इकॉनमी में फॉर्मलाइजेशन और ट्रांसपेरेंसी लाने में एक "जबरदस्त सक्सेस" बताया। श्री संदीप पुरी ने जीएसटी लॉ के कई पहलुओं और उसके ट्रांसपेरेंसी व ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से रिश्ते पर बात रखी। कॉन्फ्रेंस की को-कन्वीनर डॉ. आरती कालनावत ने दोनों दिन के प्रोग्राम शेड्यूल का ओवरव्यू दिया।
कॉन्फ्रेंस में जीएसटी के लेजिस्लेटिव इवोल्यूशन और पॉलिसी इम्पैक्ट पर एक प्लेनरी सेशन भी हुआ, जिसे डॉ. अहमर अफाक ने मॉडरेट किया। इसमें CA साकेत बागड़िया, एडवोकेट सौरभ मालपानी (पार्टनर, लक्ष्मीकुमारन एंड श्रीधरन, नागपुर) और पूर्व वाइस प्रेसिडेंट, ITAT एडवोकेट आर.पी. तोलानी ने हिस्सा लिया। इसमें टैक्स कम्प्लायंस के बिहेवियरल पहलू, जीएसटी काउंसिल के काम-काज और रेट रैशनलाइजेशन, एंटी-प्रॉफिटियरिंग फ्रेमवर्क की सीमाएं और क्वासी-जुडिशियल जीएसटी प्रोसीडिंग्स में नेचुरल जस्टिस के सिद्धांतों पर चर्चा हुई। सेशन के आखिर में पोर्टल फेल होने, एल्गोरिथमिक ट्रांसपेरेंसी और जीएसटी के दायरे से पेट्रोलियम व बिजली के अब भी बाहर रहने जैसे मुद्दों पर सवाल-जवाब हुए।
"ब्रिजिंग पॉलिसी एंड प्रैक्टिस: नेक्स्ट स्टेप्स फॉर जीएसटी 2.0" नाम से एक पैनल डिस्कशन भी हुआ, जिसमें टेजटेक की फाउंडर एंड डायरेक्टर सुश्री तेजस्विनी भंडारकर, बत्रा एंड बत्रा के फाउंडिंग पार्टनर श्री प्रीतम बत्रा और विजयवर्गी, खबिया एंड सावजी के CA एंड फाउंडर पार्टनर श्री वरुण विजयवर्गी ने अपनी बात रखी। इसके बाद मॉडरेटेड डिस्कशन और ऑडियंस के सवाल-जवाब हुए। पैनल ने जीएसटी 2.0 लागू करने की प्रैक्टिकल दिक्कतों और पॉलिसी की मंशा को जमीन पर उतारने के लिए जरूरी कदमों पर बात की। सेशन का संचालन डॉ. अनुश्री मुक्ते ने किया।
कॉन्फ्रेंस में चार टेक्निकल सेशन भी हुए, जो डिजिटलाइजेशन एंड कम्प्लायंस, अलग-अलग सेक्टर्स और रीजन में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और पॉलिसी इनोवेशन्स पर केंद्रित थे। इन सेशंस की चेयरपर्सन देश भर से आईं डॉ. आर. कविता राव (डायरेक्टर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी, नई दिल्ली), डॉ. करुण संजया (असिस्टेंट प्रोफेसर, गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, कोझिकोड, केरल), डॉ. नीलम पांचाल (प्रोफेसर एंड हेड ऑफ द डिपार्टमेंट, बी.के. स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक पॉलिसी, गुजरात यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद) और डॉ. शीतल राउत (एसोसिएट डीन, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी: MIS, नेटवर्क एंड वेबसाइट, VNIT, नागपुर) रहीं।
वैलेडिक्टरी सेशन की शुरुआत कॉन्फ्रेंस के कन्वीनर और सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, नागपुर के डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) सुखविंदर सिंह दारी के वेलकम एड्रेस से हुई, इसके बाद को-कन्वीनर प्रो. जिमी जोस ने कॉन्फ्रेंस रिपोर्ट पेश की। सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड की जॉइंट CFO सुश्री शालिनी मंधाना और COSIA, MSME, विदर्भ के श्री जुल्फेश शाह ने भी अपनी बात रखी। प्रेजेंटर्स और पार्टिसिपेंट्स को सर्टिफिकेट दिए गए। सेशन का समापन को-कन्वीनर प्रो. दिव्या राय के धन्यवाद प्रस्ताव, राष्ट्रगान और ग्रुप फोटो के साथ हुआ।
दो दिन की यह नेशनल कॉन्फ्रेंस सभी सेशंस में व्यापक अकादमिक भागीदारी के साथ काफी सफल रही। कॉन्फ्रेंस ने कानून, टैक्सेशन और इकोनॉमिक पॉलिसी से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च और अकादमिक जुड़ाव के लिए सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, नागपुर की लगातार चलती प्रतिबद्धता को फिर से दिखाया।