मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:13 IST

नागपुर कांग्रेस का नया दांव, पार्टी चलाने के लिए क्यूआर कोड से चंदा जुटाना शुरू

नागपुर शहर कांग्रेस कमिटी ने पार्टी का मासिक खर्च निकालने के लिए क्राउड फंडिंग शुरू की है, इसके लिए जगह-जगह क्यूआर कोड लगाए गए हैं।

नागपुर कांग्रेस का नया दांव, पार्टी चलाने के लिए क्यूआर कोड से चंदा जुटाना शुरू
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नागपुर शहर कांग्रेस कमिटी ने पार्टी संगठन चलाने और हर महीने का खर्च निकालने के लिए एक नया तरीका अपनाया है। अब क्राउड फंडिंग के जरिए पैसा जुटाया जाएगा, यानी आम लोगों और कार्यकर्ताओं से मिलकर चंदा इकट्ठा होगा। पार्टी के रोजमर्रा के काम और कार्यक्रमों के लिए अब तक जो खर्च कुछ धनी नेताओं पर निर्भर रहता था, उस निर्भरता को कम करने के मकसद से नागपुर कांग्रेस ने यह फैसला लिया है।

इस योजना के तहत शहर के कांग्रेस पदाधिकारियों को हर महीने एक तय रकम पार्टी को देनी होगी। इसके अलावा पार्टी का कहना है कि कार्यकर्ता और कांग्रेस विचारधारा में यकीन रखने वाले नागरिक भी हर महीने अपनी मर्जी से पैसा दान करें, ऐसी उम्मीद पार्टी ने रखी है।

पैसे जुटाने के लिए नागपुर में पार्टी के मुख्यालय, यानी देवडिया कांग्रेस भवन समेत कई जगहों पर खास क्यूआर कोड लगाए गए हैं। यही नहीं, कांग्रेस के नागपुर शहर अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे पाटील से मिलने आने वाले लोगों से भी क्यूआर कोड के जरिए ही पार्टी चलाने के लिए क्राउड फंडिंग जुटाई जा रही है।

दरअसल कांग्रेस के संघटन सृजन अभियान के तहत नाशिक में हुए पार्टी के शहर अध्यक्षों और जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में पार्टी नेतृत्व ने आगे से पार्टी का खर्च निकालने के लिए पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और कांग्रेस विचारधारा में यकीन रखने वाले नागरिकों की मदद लेने की सलाह दी थी।

इसी बारे में शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे पाटील ने बताया कि कांग्रेस में क्राउड फंडिंग की सोच कोई नई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि 1920 में नागपुर में हुए कांग्रेस के अधिवेशन में खुद महात्मा गांधी ने तिलक स्वराज्य फंड खड़ा किया था। प्रफुल्ल गुडधे पाटील ने कहा, "बीच के दौर में कांग्रेस, महात्मा गांधी की जन सहयोग की इस सोच को भूल गई थी। हम इसी पुरानी सोच के हिसाब से पार्टी का आगे का रास्ता तय करने का फैसला ले रहे हैं।"

महात्मा गांधी ने नागपुर में 26 से 31 दिसंबर 1920 के बीच हुए अधिवेशन में लोकमान्य तिलक के नाम पर तिलक स्वराज्य फंड खड़ा किया था। एक अगस्त 1920 को तिलक के निधन के बाद नागपुर में हुए अधिवेशन में इसी तरह की क्राउड फंडिंग से पार्टी ने आजादी की लड़ाई के लिए लाखों रुपये जुटाए थे। बाद में कुछ साल पहले कांग्रेस ने क्राउड फंडिंग की यह पुरानी सोच छोड़ दी थी।

हाल ही में नाशिक में कांग्रेस जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में पार्टी नेतृत्व ने फिर से क्राउड फंडिंग की इस सोच की तरफ जिलाध्यक्षों का ध्यान खींचा। इसके बाद नागपुर में क्राउड फंडिंग का यह पहला प्रयोग शुरू हुआ है। बताया जा रहा है कि जमा होने वाले पैसे का हिसाब हर महीने कार्यकर्ताओं के सामने रखा जाएगा।

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