मुंबई विद्यापीठ में विद्यार्थी-कुलगुरु संवाद, छात्रों की शिकायतें सुनकर तेजी से कार्रवाई
मुंबई विद्यापीठ के विद्यार्थी-कुलगुरु संवाद में छात्रों के सवाल सीधे प्रशासन के सामने रखे गए और कुछ मामलों में तुरंत राहत मिली।
छात्रों की पढ़ाई और प्रशासन से जुड़ी दिक्कतें सीधे सुनकर उन्हें जल्दी सुलझाने के लिए मुंबई विद्यापीठ में 'विद्यार्थी-कुलगुरु संवाद' नाम का कार्यक्रम रखा गया। यह कार्यक्रम 'एनईपी कनेक्ट' के तहत हुआ। इसमें छात्रों ने अपने अलग-अलग सवाल सीधे विद्यापीठ प्रशासन के सामने रखे। मकसद यही था कि छात्रों को अपनी बात कहने के लिए किसी बीच के रास्ते से न गुजरना पड़े और उनकी परेशानी सीधे जिम्मेदार लोगों तक पहुंचे।
कुछ मामलों में तुरंत कार्रवाई करके छात्रों को राहत दी गई। सोमैया महाविद्यालय के छात्र अनुराग चौरसिया की पांचवें सत्र की अटकी हुई मार्कशीट तैयार की गई और उन्हें सौंप दी गई। इसके अलावा एक और छात्र के पात्रता वाले मामले में फौरन सुनवाई की गई और नतीजा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
छात्रों ने पढ़ाई और प्रशासन, दोनों से जुड़ी अपनी परेशानियां प्रशासन के सामने रखीं। संबंधित अधिकारियों ने हर मामले की जानकारी ली और जरूरी कार्रवाई पर जोर दिया। इस तरह छात्रों की समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचाने के लिए यह संवाद अहम साबित हुआ।
कार्यक्रम मुंबई विद्यापीठ के कुलगुरु प्रा. रवींद्र कुलकर्णी की मौजूदगी में हुआ। इसमें प्र-कुलगुरु प्राचार्य डॉ. अजय भामरे, कुलसचिव डॉ. प्रसाद कारंडे और परीक्षा और मूल्यांकन मंडल की संचालक डॉ. पूजा रौंदले के साथ अलग-अलग विभागों के अधिकारी भी शामिल हुए।
प्रशासन ने कहा कि छात्रों के सुझावों और फीडबैक के आधार पर विद्यापीठ की सेवाओं को ज्यादा तेज, पारदर्शी और छात्रों के हित में बनाने की कोशिश की जा रही है। यानी आगे भी छात्रों की राय को सेवाएं सुधारने का आधार बनाया जाएगा।