मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:46 IST

मुखपाठ फाटा के पास बस ने ट्रेलर को पीछे से ठोका, 21 यात्री घायल, कोई मौत नहीं

अजिंठा के पास मुखपाठ फाटा पर एसटी बस ट्रेलर से भिड़ी, 21 यात्री घायल।

मुखपाठ फाटा के पास बस ने ट्रेलर को पीछे से ठोका, 21 यात्री घायल, कोई मौत नहीं
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

अजिंठा के पास मुखपाठ फाटा पर सोमवार (28 तारीख) की सुबह करीब नौ बजे एक भीषण हादसा हो गया। छत्रपती संभाजीनगर से जळगाव जा रही एसटी बस ने पोकलेन ले जा रहे भारी ट्रेलर को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बस के 21 यात्री घायल हुए हैं। राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई।

बस में 45 यात्री सवार थे। बस का नंबर एमएच 06 बीडब्ल्यू 1236 है। ट्रेलर, जिसका नंबर एनएल 01 एल 7615 है, पुणे से पहूर की तरफ पोकलेन लेकर जा रहा था। मुखपाठ फाटा के पास आते ही बस उसके पीछे जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह चकनाचूर हो गया। अचानक हुए हादसे से यात्रियों में अफरातफरी मच गई।

बस के ड्राइवर रतन महादेव कोळी ने बताया कि बस के ब्रेक फेल हो गए थे, इसी वजह से हादसा हुआ। ट्रेलर के ड्राइवर राजू पार, जो फत्तेपूर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, भी मामूली रूप से घायल हुए। धमाके जैसी आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़े आए। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया और पुलिस की मदद से अजिंठा ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मोसीन पठाण, फकीरा खान, महेबुब खान, शेख आवेज, महमू खान, काजिम खान, रफीक खान, गफार खान, शेख अजिंज, शंकर ढकरे, भास्कर बिरारे, रवि मगरे और मिलिंद बिरारे समेत कई लोगों ने राहत के काम में हाथ बंटाया। हादसे के बाद बस और ट्रेलर हाईवे पर ही खड़े रह गए, जिससे दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने दोनों गाड़ियां किनारे करवाकर ट्रैफिक चालू करवाया। अजिंठा पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक पवन इंगळे के मार्गदर्शन में पुलिस अंमलदार मौके पर पहुंचे। ग्रामीण अस्पताल में वैद्यकीय अधीक्षक दिनाजी खंदारे, डॉ. अमोल गिरी, डॉ. महेश राठोड और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने घायलों का इलाज किया।

गांव वालों ने आरोप लगाया है कि मुखपाठ फाटा से वाघूर नदी के पुल तक हाईवे का काम चल रहा है, मगर काम की जगह पर ड्राइवरों को पहले से आगाह करने वाले सूचना बोर्ड, खतरे के इशारे और सुरक्षा चिन्ह नहीं लगे हैं। लोगों का कहना है कि इससे हादसों का खतरा बढ़ रहा है। गांव वालों ने मांग की है कि काम की जगह पर जरूरी सुरक्षा इंतजाम तुरंत किए जाएं।

घायलों में अर्जुन हरी कुमावत, साहेबराव रूपचंद धनगर, सचिन दिलीप कांबळे, छाया रामभाऊ पाटील, द्वारकाबाई विश्वनाथ कुमावत, युक्ता जितेंद्र कपाडे, मिराबाई जगन कुमावत, मंगला मनोज कुमावत, वैभवी रामदास काटे, प्रमिला दगडू सोनटक्के, उमा रितेश परदेशी, कृष्णा उमेश परदेशी, शांताबाई लालसिंग परदेशी, मेघा उमेश परदेशी, अब्दुल हमीद अब्दुल रहमान, अमर मनोहर खोचे, रुस्तम तुळशीराम गोंगे, लक्ष्मण शिंदे, हनुमान अशोक बाविस्कर, गोपाल दत्तात्रय फुके और लालसिंग बहादूरसिंग परदेशी शामिल हैं।

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