मोरबे धरण में 73.90 फीसदी पानी बचा, नवी मुंबई मनपा ने कहा पानी सोच समझकर खर्च करें
मोरबे धरण में इस्तेमाल लायक पानी घटकर 73.90 प्रतिशत रह गया है। नवी मुंबई महानगरपालिका ने लोगों से पानी बचाने की अपील की है और बर्बादी पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
नवी मुंबई शहर को पानी देने वाले मोरबे धरण में पानी का स्टॉक काफी घट गया है। इस वक्त धरण में इस्तेमाल लायक पानी सिर्फ 73.90 प्रतिशत बचा है। इसकी वजह ग्लोबल क्लाइमेट चेंज से बनी हालत, इस साल 'एल-नीनो' और 'आयओडी' को लेकर लगाए गए अंदाज और कम बारिश बताई गई है।
आगे पानी की किल्लत न हो, इसके लिए नवी मुंबई महानगरपालिका के पानीपुरवठा विभाग ने नागरिकों से पानी जपून और काटकसर से इस्तेमाल करने की अपील की है। शहर की रोज की पानी की जरूरत को देखते हुए महानगरपालिका प्रशासन ने लोगों के लिए कुछ अहम गाइडलाइन भी जारी की हैं। साथ ही नियम तोड़ने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन ने सबसे पहले यह कहा है कि पानी की स्टोरेज टंकियां भरकर बहने न पाएं, इसका लोग खास ध्यान रखें। जो पानी भरकर रखा गया है, उसे बासी समझकर फेंकना नहीं है। घर में नल या पाइप से कहीं लीकेज हो तो उसे फौरन ठीक करवाना है। जब जरूरत न हो, तब घर के नल बंद रखने और पानी की बर्बादी पूरी तरह रोकने को भी कहा गया है।
महानगरपालिका ने साफ चेतावनी दी है कि पीने के पानी से गाड़ियां धोते हुए कोई पकड़ा गया तो उस पर सीधे दंडात्मक कार्रवाई होगी। निर्माण कामों में पीने के पानी का इस्तेमाल सख्त मना है। ऐसा करते पाए जाने पर नल कनेक्शन तुरंत काट दिया जाएगा और दंडात्मक कार्रवाई भी होगी। बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स को पीने के लिए जो नल कनेक्शन दिया गया है, उसका पानी सिर्फ पीने के लिए ही इस्तेमाल करना है, यह भी महापालिका ने कहा है।
प्रशासन का कहना है कि कम बारिश और बदलते मौसम के चलते मोरबे धरण में इस्तेमाल लायक पानी घटा है। नवी मुंबई की रोज की पानी की जरूरत बड़ी है, इसलिए जो पानी मौजूद है उसका सही नियोजन जरूरी है।
नवी मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त ने भी शहर के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे पानी की हर बूंद संभालकर इस्तेमाल करें और आने वाले पानी संकट को टालने में महानगरपालिका का सहयोग करें।
प्रशासन के मुताबिक किल्लत पैदा होने के बाद इलाज ढूंढने से बेहतर है कि मौजूदा स्टॉक का नियोजन अभी से किया जाए। घरेलू इस्तेमाल से लेकर कमर्शियल और निर्माण क्षेत्र तक अगर पानी का बेवजह इस्तेमाल कम किया जाए, तो मौजूदा स्टॉक ज्यादा समय तक चल सकता है। इस लिहाज से पानी बचाना हर किसी की जिम्मेदारी है।