मोदी की मिमिक्री पर सियासी घमासान, प्रफुल्ल पटेल बोले - इंदौर का कार्यक्रम बचकाना
इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम में पीएम मोदी की मिमिक्री पर एनसीपी सांसद प्रफुल्ल पटेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के मध्य प्रदेश के इंदौर में हुए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से बातचीत करते हुए शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, रोजगार और लोकतंत्र जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा था। लेकिन असली विवाद कार्यक्रम के दौरान हुई एक और बात से खड़ा हुआ है।
राहुल गांधी मंच पर मौजूद थे, तभी स्टैंडअप कॉमेडियन पुलकित मणि ने पीएम नरेंद्र मोदी के बोलने और बर्ताव करने के अंदाज की मिमिक्री कर दी। इसके बाद से सत्ताधारी पक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साध रहे हैं। अब इस पूरे मामले में एनसीपी सांसद प्रफुल्ल पटेल ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
प्रफुल्ल पटेल ने इंदौर के इस कार्यक्रम को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। उन्होंने कहा, "कल का इंदौर का कार्यक्रम बालिशपने वाला कार्यक्रम था। इसमें मिमिक्री करना आसान है, लेकिन इससे हासिल क्या होगा? हम देश को आगे बढ़ाने के लिए काम करते हैं या अखाड़ा चलाने के लिए काम करते हैं?"
इसके साथ ही प्रफुल्ल पटेल ने महाराष्ट्र में बने सूखे जैसे हालात पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि राज्य के कुछ हिस्सों में कम बारिश की वजह से जो स्थिति बनी है, सरकार उस पर बारीकी से नजर रखे हुए है। उनका कहना था कि किसानों, पीने के पानी और जानवरों के चारे से जुड़े सवालों पर सरकार जरूरी कदम उठाएगी, इस बात का उन्हें भरोसा है।
इसके अलावा UPI पर संशोधित MDR शुल्क के मुद्दे पर भी पटेल ने अपनी राय रखी। मुंबई के पेट्रोल पंप चलाने वालों ने 2 हजार रुपये से ज्यादा के UPI लेनदेन को लेकर जो रुख अपनाया है, उसका जिक्र करते हुए पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार को इस विषय पर सोचने की जरूरत है।
पटेल ने यह भी कहा कि UPI पर MDR शुल्क को लेकर केंद्र सरकार संवेदनशील है और अगर कोई दिक्कत सामने आती है तो उसमें सुधार किया जा सकता है। एक तरफ राहुल गांधी के कार्यक्रम में हुई मिमिक्री पर सियासी बयानबाजी चल रही है, तो दूसरी तरफ सूखे और UPI शुल्क जैसे मुद्दों पर प्रफुल्ल पटेल के बयान की भी चर्चा हो रही है।