मौसम फिर पलटेगा: 6 से 10 अक्टूबर तक पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी का IMD अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिमी हिमालयी इलाकों में बारिश और बर्फबारी का अंदाज़ा जताया है।
नई दिल्ली: देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी चल रही है, लेकिन इसी बीच मौसम फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा अंदाज़े के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत पर एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर पड़ेगा। इसकी वजह से 6 से 10 अक्टूबर के बीच पश्चिमी हिमालयी इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश का अंदाज़ा है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
इस मौसमी सिस्टम का असर उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों पर भी दिख सकता है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 6 से 11 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश और तेज़ हवाओं का अंदाज़ा लगाया गया है।
दिल्ली-NCR की बात करें तो 5 अक्टूबर को आसमान ज़्यादातर साफ रहने का अंदाज़ा है और अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। उसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के असर से हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, साथ में तेज़ हवाएं और बिजली की कड़क भी संभव है।
अगले कुछ दिन दिल्ली में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अंदाज़ा है। बारिश की वजह से तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।
उत्तर के साथ दक्षिण भारत में भी बारिश का ज़ोर बढ़ सकता है। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। तमिलनाडु, पुदुचेरी, कराईकल और केरल के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भी बारिश का सिलसिला बने रहने का अंदाज़ा है।
फिलहाल देश के अलग-अलग हिस्सों पर कई मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं, जिनमें पश्चिमी विक्षोभ, ट्रफ लाइन और चक्रवाती हवाओं की स्थिति शामिल है। गंगीय पश्चिम बंगाल से मध्य महाराष्ट्र तक एक ट्रफ है, जबकि उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से पूर्वी बांग्लादेश तक एक और ट्रफ सक्रिय है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक के आसपास चक्रवाती हवाओं की स्थिति बनी हुई है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होकर गुज़र रही बताई गई है। यानी एक तरफ मानसून लौट रहा है, तो दूसरी तरफ अलग-अलग मौसमी सिस्टम की वजह से देश के कई हिस्सों में फिर बारिश की संभावना बन गई है।