मारुती डिझायरने ऑगस्ट में सेडान सेगमेंट में बनाया नया रिकॉर्ड, 56 फीसदी बाजार पर कब्जा
मारुती सुजुकी डिझायर ने ऑगस्ट 2026 में सेडान कैटेगरी में जबरदस्त बिक्री दर्ज की, कीमत, माइलेज और सेफ्टी फीचर्स इसकी पॉपुलैरिटी की बड़ी वजह बने।
भारतीय कार बाजार में ऑगस्ट 2026 मारुती सुजुकी के लिए शानदार महीना साबित हुआ। कंपनी ने इस महीने कुल 1,76,971 यूनिट्स बेचे, जो पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 34.81 फीसदी ज्यादा है। इस बंपर बिक्री में सबसे बड़ा योगदान रहा कॉम्पैक्ट सेडान डिझायर का, जिसने सेडान सेगमेंट में अपना दबदबा साबित करते हुए भारतीय बाजार में नया रिकॉर्ड बना दिया।
ऑगस्ट 2026 में देशभर में कुल 32,913 सेडान कारें बिकीं, जिनमें से 18,418 यूनिट्स अकेले मारुती डिझायर की थीं। मतलब सड़क पर चलने वाली हर दूसरी सेडान डिझायर थी, और इस सेगमेंट में उसकी हिस्सेदारी 56 फीसदी तक पहुंच गई। पिछले साल के मुकाबले डिझायर की बिक्री में 11.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हुंडई ऑरा रही, जिसकी 6685 यूनिट्स बिकीं, जबकि होंडा अमेज 3512 यूनिट्स के साथ तीसरे नंबर पर रही।
डिझायर की इस जबरदस्त बिक्री के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। सबसे पहले, इसकी कीमत हर ग्राहक के बजट में फिट बैठती है। एक्स-शोरूम कीमत 6.31 लाख रुपये से शुरू होकर 9.41 लाख रुपये तक जाती है। बजट वाले LXi मॉडल से लेकर ZXi प्लस AMT और CNG वेरिएंट तक (जिनकी कीमत 8.18 लाख रुपये से शुरू होती है) हर तरह का ऑप्शन मौजूद है, जिससे हर कस्टमर को अपनी पसंद की गाड़ी मिल जाती है।
यह कार सिर्फ पर्सनल यूज के लिए ही नहीं, बल्कि टैक्सी और कमर्शियल फ्लीट के लिए भी पहली पसंद बनी हुई है। 2026 के पहले सत्र में इसकी कुल बिक्री का करीब 35 फीसदी हिस्सा टैक्सी सेगमेंट से आया, और मारुती अपने 'टूर एस' मॉडल के जरिए इस मार्केट पर भी मजबूत पकड़ बनाए हुए है।
सेफ्टी के मामले में भी नई पीढ़ी की डिझायर में खास ध्यान दिया गया है। भारत NCAP और ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में इस कार को 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। इसके अलावा सभी वेरिएंट्स में 6 एयरबैग्स और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल स्टैंडर्ड दिया गया है।
माइलेज के मोर्चे पर भी डिझायर कमाल दिखाती है। 1.2 लीटर Z-सीरीज पेट्रोल इंजन के साथ मैनुअल मॉडल 24.79 किमी प्रति लीटर और AMT मॉडल 25.71 किमी प्रति लीटर का माइलेज देता है। वहीं CNG मॉडल 33.73 किमी प्रति किलोग्राम तक का एवरेज देता है, जिससे मिडिल क्लास लोगों की जेब पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ता।