माफसू में शिक्षक भर्ती और सुविधाओं में तेजी लाएं: पशुसंवर्धन मंत्री पंकजा मुंडे
नागपुर स्थित महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विद्यापीठ (माफसू) में शिक्षक भर्ती, विद्यार्थियों के विद्यावेतन और बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा।
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नागपुर के महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विद्यापीठ यानी माफसू में चल रहे विकास कामों को तेज करने के निर्देश पशुसंवर्धन मंत्री पंकजा मुंडे ने दिए हैं। 12 तारीख को मंत्रालय में हुई एक बैठक में उन्होंने विद्यापीठ से जुड़े शैक्षणिक, प्रशासकीय और बुनियादी सुविधाओं के कई अहम मुद्दों पर समीक्षा की।
बैठक की अध्यक्षता खुद पंकजा मुंडे ने की। इसमें माफसू के कुलगुरू डॉ. नितीन पाटील, अधिष्ठाता डॉ. शिरीष उपाध्ये, कुलसचिव मोना ठाकूर, उपकुलसचिव डॉ. ए.पी. गांवडे और सहसचिव नि.भा. मराळे मौजूद थे।
मंत्री मुंडे ने बताया कि बीव्हीएससी अँड एएच यानी पशुवैद्यक विज्ञान व पशुसंवर्धन पदवी अभ्यासक्रम के विद्यार्थियों को बाकी मेडिकल शाखाओं की तरह 18 हजार रुपये विद्यावेतन देने का प्रस्ताव है। इसके लिए 4 करोड़ 12 लाख रुपये की तरतूद करने वाले इस प्रस्ताव को आने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यापीठ का शैक्षणिक दर्जा और ऊंचा उठाना है और विद्यार्थियों को हॉस्टेल समेत जरूरी सुविधाएं देनी हैं।
बैठक में विद्यापीठ में शिक्षक और शिक्षकेतर पदों की भर्ती प्रक्रिया की भी समीक्षा हुई। मंत्री ने साफ कहा कि यह भर्ती प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाए। भारतीय पशु चिकित्सा परिषद यानी व्हिसीआई की मार्गदर्शक सूचनाओं के मुताबिक जरूरी शिक्षक स्टाफ उपलब्ध कराने के लिए इस भर्ती को प्राथमिकता देने की सूचना उन्होंने अधिकारियों को दी।
माफसू के अंतर्गत चल रहे अलग-अलग बुनियादी सुविधा और निर्माण प्रोजेक्ट्स की मौजूदा स्थिति जांचने के भी निर्देश मंत्री मुंडे ने दिए। मुंबई, नागपुर, परभणी, शिरवळ, उदगीर, वरूड और मोर्शी में शैक्षणिक इमारतों, अस्पतालों और वसतिगृह यानी हॉस्टल के निर्माण प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इन सभी कामों की प्रगति की रिपोर्ट तैयार कर काम तेज गति से पूरे करने को कहा गया।
बैठक में विद्यार्थियों के विद्यावेतन और इंटर्नशिप भत्ते के अलावा पशुवैद्यकीय और दुग्ध तंत्रज्ञान अभ्यासक्रमों की शुल्क संरचना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने संबंधित मामलों में जरूरी कार्यवाही जल्द पूरी करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यापीठ का शैक्षणिक स्तर बढ़ाना, विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाएं देना, बुनियादी सुविधा और निर्माण प्रोजेक्ट तय समय में पूरे करना, और शिक्षक-शिक्षकेतर भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी व तेज गति से चलाना जरूरी है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपस में तालमेल बिठाकर तय समय सीमा में काम करें, ऐसा निर्देश मंत्री पंकजा मुंडे ने दिया।