मान्सून खत्म, अक्टूबर की शुरुआत से महाराष्ट्र में बढ़ रही गर्मी; कोकण में कहीं-कहीं बारिश
महाराष्ट्र में मान्सून का मौसम खत्म होने के बाद कई इलाकों में बारिश थम गई है और तापमान बढ़ रहा है। 2 अक्टूबर को कोकण और घाटमाथे के कुछ हिस्सों में ही बौछारों की संभावना है।
महाराष्ट्र के मौसम में अक्टूबर की शुरुआत से ही बड़ा बदलाव दिखने लगा है। मान्सून का सीजन खत्म होने के बाद राज्य के कई हिस्सों में बारिश रुक गई है और कुछ जगहों पर तापमान बढ़ रहा है। सितंबर के आखिर तक राज्य में औसत से कम बारिश हुई, इसलिए कई इलाकों में बारिश की तूट यानी कमी बन गई है। इससे खेती के सामने चुनौतियां बढ़ गई हैं और अक्टूबर के पहले ही दिनों में लोगों को धूप की तपिश महसूस होने लगी है।
2 अक्टूबर को कोकण के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की बौछारें पड़ने की संभावना है। पालघर, ठाणे और मुंबई इलाके में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। इसलिए मुंबई और उपनगरों में बीच-बीच में बादल छाए रह सकते हैं।
रायगड, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में कुछ जगहों पर गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। लेकिन पूरे कोकण में भारी बारिश की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही। कुछ हिस्सों को छोड़ दें तो मौसम ज्यादातर सूखा रहने की उम्मीद है।
उत्तर महाराष्ट्र के कई हिस्सों में आंशिक रूप से बादल रहेंगे, पर मौसम ज्यादातर सूखा रहने का अंदाज है। बारिश की कमी बनी हुई है, इसलिए किसानों की चिंता और बढ़ गई है। अगर आने वाले कुछ दिनों में भी बारिश नहीं हुई तो खेती पर असर पड़ने की संभावना है।
पश्चिम महाराष्ट्र में अहिल्यानगर, पुणे, सातारा, सांगली और कोल्हापुर इलाके में कुछ जगहों पर हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। फिलहाल बड़ी बारिश की चेतावनी नहीं है, इसलिए इस क्षेत्र के ज्यादातर हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। दिन में तापमान बढ़ने से 'ऑक्टोबर हिट' का अनुभव और तीखा हो सकता है।
मराठवाड़ा में छत्रपती संभाजीनगर, जालना, परभणी, बीड, हिंगोली, नांदेड, लातूर और धाराशिव जिलों में बारिश थमी हुई है। इस इलाके के लिए अभी बड़ी बारिश की चेतावनी नहीं है। कहीं-कहीं बादल रह सकते हैं, मगर गर्मी और उमस महसूस होने की संभावना है। तापमान बढ़ा तो खेती के साथ आम लोगों को भी उकताहट भरी गर्मी की परेशानी हो सकती है।
विदर्भ में अकोला, अमरावती, भंडारा, बुलढाणा, चंद्रपुर, गडचिरोली, गोंदिया, नागपुर और वाशिम में भी फिलहाल बड़ी बारिश की चेतावनी नहीं है। पिछले कुछ दिनों से बारिश रुकी हुई है और आगे कुछ दिन गर्म मौसम रहने की संभावना है।
कुल मिलाकर, 2 अक्टूबर को कोकण और घाटमाथे के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बौछारों की संभावना है, फिर भी महाराष्ट्र के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का जोर कम रहने के संकेत हैं। सितंबर के आखिर की बारिश की कमी और अक्टूबर की शुरुआत से बढ़ती गर्मी ने खेती और आम लोगों के सामने अलग तरह की चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
अब सबकी नजर इस पर है कि अगले कुछ दिनों में लौटता मान्सून कैसे सक्रिय होता है। स्थानीय मौसम के बदलाव को देखते हुए लोगों और किसानों के लिए मौसम विभाग की ताजा सूचनाओं पर नजर रखना जरूरी होगा।