माण पंचायत समिति सभापति पर केस: अभयसिंह जगताप बोले, जनता उधेड़ेगी सत्ताधारियों की चाल
म्हसवड पुलिस स्टेशन के सामने राष्ट्रवादी शरदचंद्र पवार गुट के नेताओं ने सभापति विक्रम शिंगाडे पर दर्ज केस का विरोध किया।
म्हसवड: माण पंचायत समिति के सभापति विक्रम शिंगाडे पर म्हसवड पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हुआ है। इसके विरोध में राष्ट्रवादी शरदचंद्र पवार गुट के महासचिव अभयसिंह जगताप और जिला परिषद सदस्य अनिल देसाई ने सत्ताधारी गुट पर आरोप लगाए। इस मौके पर सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।
जगताप ने कहा कि माण-खटाव की धरती पर राजनीतिक विरोधी पूरी तरह खत्म हो जाना चाहिए, यही भूमिका लेकर सत्ताधारी गुट पुलिस को साथ लेकर बहुत निचले स्तर की राजनीति कर रहा है। उनके मुताबिक विक्रम शिंगाडे इसी का शिकार बने हैं। जगताप ने यह भी कहा कि इससे माण-खटाव की जनता में गुस्से की तेज लहर उठी है और यह लहर सत्ताधारियों की गंदी राजनीति को उधेड़ देगी। उन्होंने पुलिस से अपील की कि वह सत्ताधारियों के हाथ की कठपुतली न बने।
जगताप के अनुसार यह केस सत्ताधारियों ने एक महिला का सहारा लेकर करवाया है। उन्होंने इसे झूठा केस बताया और कहा कि इसके विरोध में ही वे आज म्हसवड पुलिस स्टेशन के सामने आए हैं। जगताप ने कहा कि यहां के लोकप्रतिनिधियों को सभापति विक्रम शिंगाडे का काम खटक रहा है, इसलिए उन्हें रोकने के लिए ऐसा केस दर्ज किया गया होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिस महिला को आगे करके केस दर्ज हुआ है, उस पर भी राजनीतिक दबाव होने की संभावना है।
जगताप ने कहा कि माण-खटाव की धरती पर सत्ता और पुलिस बल का इस्तेमाल चल रहा है। उनका कहना था कि इससे राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ही छवि खराब हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी गंदी और दहशत की राजनीति से आम जनता तंग आ चुकी है और यही जनता आगे सत्ताधारियों के कुटिल इरादों को उधेड़ देगी।
जिला परिषद सदस्य अनिल देसाई ने कहा कि जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव के वक्त भी पुलिस बल का इस्तेमाल करके अध्यक्ष पद छीना गया। उनके मुताबिक अब पुलिस प्रशासन किसके दबाव में काम कर रहा है, इसकी पूरी जानकारी आम जनता को है।
देसाई ने कहा कि जिन शिंगाडे पर केस दर्ज हुआ है, उनके बारे में सोशल मीडिया के एक ग्रुप पर निचले स्तर की बातें कही गईं। उस ग्रुप में पुलिस अधिकारी भी हैं, लेकिन वे उस वक्त चुप रहे और तमाशबीन बने रहे। देसाई ने सवाल उठाया कि अब किसके आदेश पर पुलिस ने उन पर केस दर्ज करने की जल्दबाजी की।
देसाई ने चेतावनी भी दी कि आने वाले समय में माण-खटाव में ऐसे झूठे केस दर्ज हुए तो तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।