मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:54 IST

महिंद्रा और एम्ब्रायर ने C-390 की असेंबली लाइन के लिए नागपुर को चुना

महिंद्रा समूह और एम्ब्रायर ने भारतीय हवाई दल के एमटीए कार्यक्रम के लिए नागपुर को संभावित फाइनल असेंबली लाइन के तौर पर चुना है।

महिंद्रा और एम्ब्रायर ने C-390 की असेंबली लाइन के लिए नागपुर को चुना
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

देश के रक्षा और एअरोस्पेस क्षेत्र में नागपुर की अहमियत और बढ़ने की संभावना है। महिंद्रा समूह और ब्राज़ील की अग्रणी एअरोस्पेस कंपनी एम्ब्रायर ने नागपुर को संभावित फाइनल असेंबली लाइन (एफएएल) के तौर पर चुना है। यह लाइन भारतीय हवाई दल के लिए प्रस्तावित मीडियम ट्रांसपोर्ट एअरक्राफ्ट (एमटीए) कार्यक्रम के तहत सी-390 मिलेनियम सैन्य परिवहन विमान के निर्माण और असेंबली के लिए होगी।

अगर भारतीय हवाई दल सी-390 मिलेनियम को चुनता है, तो शहर में अत्याधुनिक विमान निर्माण और असेंबली केंद्र खड़ा किया जाएगा। इसके लिए ज़रूरी ज़मीन मिले और बुनियादी सुविधाओं का काम तेज़ हो, इसलिए महिंद्रा और एम्ब्रायर महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से आगे की प्रक्रिया चला रहे हैं।

प्रस्तावित केंद्र में सिर्फ विमानों की असेंबली नहीं होगी। सिस्टम इंटीग्रेशन, मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग और स्थानीय सप्लाई चेन खड़ी करने पर भी ज़ोर रहेगा। केंद्र सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' अभियान से जुड़े इस प्रोजेक्ट का मकसद रक्षा उत्पादन के साथ एमआरओ और आफ्टरमार्केट सेवाओं का नेटवर्क मज़बूत करना है।

महिंद्रा समूह के एग्ज़ीक्यूटिव बोर्ड के सदस्य विनोद सहाय और एम्ब्रायर डिफेंस एंड सिक्योरिटी के सीईओ बॉस्को दा कोस्टा जूनियर ने ज़मीन आवंटन और दूसरी ज़रूरी बातों में सहयोग के लिए महाराष्ट्र सरकार का आभार माना है।

सी-390 मिलेनियम बहुउद्देशीय सैन्य परिवहन विमान है। यह 26 टन वज़न का पेलोड ले जा सकता है। कच्ची हवाई पट्टी पर उतरने की क्षमता वाले इस विमान का इस्तेमाल आपदा राहत, सैन्य परिवहन और खोज व बचाव अभियानों में भी किया जा सकता है।

प्रस्तावित विमान से भारतीय हवाई दल के सोवियत दौर के पुराने एएन-32 और आईएल-76 विमानों की जगह लेने की योजना है। सी-390 मिलेनियम के साथ इस सौदे की दौड़ में एअरबस डिफेंस एंड स्पेस का ए-400एम और लॉकहीड मार्टिन का सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस भी हैं। भारतीय हवाई दल के पास फिलहाल सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस के 12 विमान सेवा में हैं।

महिंद्रा और एम्ब्रायर की रणनीतिक साझेदारी फरवरी 2024 के सामंजस्य करार के बाद शुरू हुई। मकसद भारत में रक्षा उत्पादन, विमान असेंबली और एमआरओ सुविधा विकसित करना है। तब से दोनों कंपनियां देश में इस क्षेत्र का ढांचा खड़ा करने की कोशिश में लगी हैं। नागपुर का संभावित चुनाव इसी प्रक्रिया का अहम पड़ाव माना जा रहा है।

एम्ब्रायर और महिंद्रा समूह की नज़र भारतीय हवाई दल के लिए करीब 80 मध्यम परिवहन विमान खरीदने के प्रस्ताव पर है। इस सौदे के लिए सी-390 मिलेनियम चुना गया तो नागपुर में उसकी असेंबली लाइन लग सकती है। लेकिन असली उत्पादन केंद्र का रास्ता तभी खुलेगा, जब यह करार दोनों कंपनियों को मिल जाए। इसी के लिए भारत में स्थानीय उत्पादन और सपोर्ट हब खड़ा करने की शुरुआती तैयारी चल रही है।

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