महावितरण: बिजली के काम प्राइवेट लोगों से कराए तो कर्मचारी की होगी बर्खास्तगी
महावितरण ने साफ किया है कि खराब ट्रांसफॉर्मर बदलने जैसे जोखिम भरे काम तारमार्ग संवर्ग के कर्मचारियों को खुद करने होंगे, प्राइवेट या अनधिकृत लोगों से नहीं।
चंद्रपुर/गडचिरोली: महावितरण ने अपने कर्मचारियों को साफ चेतावनी दी है कि बिजली यंत्रणा के तकनीकी और जोखिम भरे काम प्राइवेट लोगों या अनधिकृत मनुष्यबल से न करवाए जाएं। महावितरण के मुताबिक खराब ट्रांसफॉर्मर बदलना, तकनीकी मरम्मत, बिजली बिल की वसूली या मीटर निकालने जैसे काम बिजली सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए करना पूरी तरह तारमार्ग संवर्ग के तकनीकी कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। ऐसा कुछ पकड़ा गया और बिजली हादसा हुआ, तो संबंधित दोषी कर्मचारियों पर बर्खास्तगी जैसी सख्त कार्रवाई होगी।
यह निर्देश संचालक (संचालन) श्री धनंजय औंढेकर ने हाल ही में एक परिपत्रक निकालकर दिया है। उन्होंने क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं और अधीक्षक अभियंताओं को इस बारे में खातरजमा करने के आदेश दिए हैं।
परिपत्रक में कहा गया है कि महावितरण की बिजली वितरण यंत्रणा को सुरक्षित चलाना, उसकी देखभाल और मरम्मत करना और ग्राहकों की शिकायतें तुरंत दूर करना हर संबंधित अभियंता और तकनीकी कर्मचारी का बुनियादी फर्ज है। क्षेत्रीय कार्यालयों के तहत तारमार्ग संवर्ग में प्रधान तंत्रज्ञ, वरिष्ठ तंत्रज्ञ और तंत्रज्ञ नियुक्त हैं। इन्हीं को खराब वितरण रोहित्र बदलना, डीओ फ्यूज बदलना, बिजली लाइन का फॉल्ट ढूंढना, बिजली सप्लाई की ग्राहक शिकायतें सुलझाना, बिल वसूली करना और बकायादार ग्राहकों के मीटर निकालकर लाना जैसे काम सौंपे गए हैं।
इसके बावजूद महावितरण के कुछ तारमार्ग कर्मचारी ये काम खुद करने के बजाय प्राइवेट या अनधिकृत लोगों से करवा रहे हैं। ऐसी शिकायतें मुख्यालय स्तर पर मिली हैं। परिपत्रक में इसे बेहद गंभीर बात बताया गया है। वजह यह कि ऐसे लोगों के पास पूरा तकनीकी ज्ञान और सुरक्षा की ट्रेनिंग नहीं होती। इससे बिजली और मशीनी हादसे होने का बड़ा खतरा रहता है, जिसमें वह प्राइवेट आदमी और कर्मचारी दोनों जख्मी हो सकते हैं। इसके अलावा बिजली ग्राहकों और महावितरण की संपत्ति को भी नुकसान झेलना पड़ता है।
कानूनी पहलू भी बताया गया है। 'सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (मेझर्स रिलेटिंग टू सेफ्टी अॅण्ड इलेक्ट्रिक सप्लाय) रेग्युलेशन्स 2023' के नियम 3 के हिसाब से सिर्फ अधिकृत व्यक्ति ही बिजली वितरण सेवा से जुड़े काम कर सकता है या बिजली लाइनों और उपकरणों पर काम करने के लिए पात्र है। इसलिए जिसे महावितरण ने अधिकृत रूप से नामित नहीं किया या जो अपात्र है, उसे बिजली यंत्रणा पर किसी भी तरह का काम करने देना या उससे काम करवाना पूरी तरह गैरकानूनी है। महावितरण की सेवा विनियमों के मुताबिक यह बहुत गंभीर किस्म का दुर्व्यवहार माना जाएगा।
संचालक श्री औंढेकर ने निर्देश दिया है कि अनधिकृत मनुष्यबल से काम करवाने का मामला या इस तरह के दुर्व्यवहार से कोई दुर्घटना, हादसा या संपत्ति का नुकसान सामने आए, तो उसकी तुरंत जांच की जाए। जांच में जो कर्मचारी दोषी निकलेंगे, उन पर सेवा विनियमों के प्रावधानों के हिसाब से बर्खास्तगी या सेवा समाप्ति जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही क्षेत्रीय कार्यालयों के मुख्य अभियंताओं और अधीक्षक अभियंताओं को कहा गया है कि वे समय-समय पर पक्का करें कि उनके कार्यक्षेत्र में बिजली वितरण के कामों में किसी भी हाल में प्राइवेट या अनधिकृत लोगों का इस्तेमाल न हो।