महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश का अलर्ट, पुणे-सांगली-कोल्हापुर में सतर्कता
मौसम विभाग ने विदर्भ, मराठवाडा और कोकण के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है, वहीं किसानों को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।
पिछले कुछ दिनों से मौसम में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। दिन में तेज धूप का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन रविवार और सोमवार को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश भी हुई। इसके बावजूद आज फिर बारिश का अंदाज जताया गया है। पुणे, सातारा, सांगली, कोल्हापुर समेत कई जिलों में सतर्कता का इशारा दिया गया है।
मौसम विभाग ने विदर्भ के चंद्रपुर, गडचिरोली, गोंदिया, वर्धा, नागपुर, अमरावती, अकोला, बुलढाणा, हिंगोली, वाशीम, यवतमाल के साथ-साथ नांदेड, परभणी, बीड, लातूर, धाराशिव, सोलापुर, पुणे, सातारा, सांगली और कोल्हापुर के घाट इलाकों में अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा कोकण के रायगड, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों को भी इस लिस्ट में रखा गया है। वहीं नासिक, पालघर, मुंबई, ठाणे, अहिल्यानगर, छत्रपति संभाजीनगर और जालना में बादल छाए रहने के साथ बहुत हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है।
बारिश की कमी की वजह से कई जगहों पर पीने के पानी का संकट भी गंभीर हो चला था। इस बीच अहिल्यानगर, रायगड और पुणे समेत राज्य के कुछ हिस्सों में सोमवार को फिर तेज बारिश हुई। इससे पानी की समस्या कुछ हद तक कम होने में मदद मिलने की उम्मीद है और फसलों को भी राहत मिलेगी।
अहिल्यानगर जिले में भी लंबे इंतजार के बाद जोरदार बारिश हुई। जिला सूखे की कगार पर था, ऐसे में हुई इस बारिश से किसानों में संतोष का माहौल है। राज्य के कई इलाकों में फसलें सूखने जैसे हालात बन गए थे। ऐसे में अगर आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश हुई तो किसानों और मवेशियों दोनों के लिए यह बड़ी राहत साबित हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक कोकण और गोवा में 22 से 27 सितंबर के बीच बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 22 और 23 सितंबर को, जबकि मराठवाड़ा में 23 सितंबर को मध्यम से व्यापक बारिश हो सकती है। कोकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 21 से 24 सितंबर के बीच, वहीं मराठवाड़ा में 21 से 23 सितंबर के बीच कुछ जगहों पर गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अंदाज है। इसे देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि बिजली की गरज-चमक, तेज हवा और बारिश के दौरान सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।