महाबळेश्वर रिसॉर्ट चोरी: मुख्य महिला आरोपी को सव्वा साल की सजा, ५ बरी
महाबळेश्वर के ऑक्सिजन रिसॉर्ट चोरी केस में कोर्ट का फैसला
महाबळेश्वर के चर्चित ऑक्सिजन रिसॉर्ट चोरी केस में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। इस केस की मुख्य आरोपी महिला को सजा हुई है, जबकि बाकी पांच आरोपियों को सबूत ना होने की वजह से बरी कर दिया गया है। प्रथम श्रेणी न्यायदंडाधिकारी उदय इवरे ने यह फैसला सुनाया।
मुख्य आरोपी कांचन कालीप्रसाद बॅनर्जी, उम्र ५४ साल, नालासोपारा (वसई ईस्ट, ठाणे-मुंबई) की रहने वाली है। कोर्ट ने उसके खिलाफ लगे आरोप सही पाए और उसे दोषी करार दिया। उसे १ साल ३ महीने की साधी कैद की सजा सुनाई गई है।
यह पूरा मामला विशाल रतिकांत तोषणीवाल के रिसॉर्ट से जुड़ा है, जो डॉ. साबणे रोड, महाबळेश्वर के रहने वाले हैं। तोषणीवाल का ऑक्सिजन रिसॉर्ट विवर रोड, तळदेव में स्थित है। इसी रिसॉर्ट से २५ जून २०२५ को दोपहर ४ बजे से लेकर २८ जून २०२५ की दोपहर १२ बजे तक सामान चोरी हो गया था। चोरी में गद्दे, बेड, फ्रिज, टीवी, एसी, किचन का सामान, डीवीआर, प्रोजेक्टर और कंप्यूटर सहित कुल ८८ तरह की चीजें शामिल थीं।
पुलिस को मिली शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने आपस में मिलकर यह चोरी की थी। इस मामले में महाबळेश्वर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था। गुन्हा रजिस्टर नंबर ५८/२०२५ और कोर्ट केस नंबर RCC ३०/२०२५ के तहत BNS की धारा ३०५, ३३१(३)(४), ३०६ और ३१७(२) लगाई गई थीं।
इस केस की सुनवाई के दौरान कुल सात गवाहों से पूछताछ की गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी नंबर १ यानी कांचन बॅनर्जी को दोषी ठहराया।
वहीं इस केस में आरोपी नंबर २ करण दशरथ घाडगे, आरोपी नंबर ३ गौतम सुरेश जाधव, आरोपी नंबर ४ भूपाल किसन घाडगे, आरोपी नंबर ५ राहुल भूपाल गाडगे और आरोपी नंबर ७ सागर यशवंत घाडगे को कोर्ट ने बरी कर दिया। ये सभी सैदापूर, सातारा तालुका के रहने वाले हैं।
आरोपी नंबर ६ और ८ अभी तक फरार हैं। कोर्ट ने महाबळेश्वर पुलिस स्टेशन को आदेश दिया है कि इन दोनों के खिलाफ अलग से दोषारोपपत्र तीन महीने के अंदर दाखिल किया जाए।
इस केस की जांच महाबळेश्वर पुलिस स्टेशन के तपासी अंमलदार आर. एम. काळे ने की थी। सरकारी वकील की भूमिका डी. एम. शेख ने निभाई। कोर्ट में पैरवी के लिए हेड कॉन्स्टेबल जाधव और पुलिस कॉन्स्टेबल कुंभार ने सहयोग दिया। जांच के दौरान वाई डिवीजन के उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुनील साळुंखे और महाबळेश्वर पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक हर्षद गालिंदे का खास मार्गदर्शन मिला।