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00:08 IST

लैब में बने हीरों की पूरी चेन अब भारत में ही, अमित शाह का उद्योग को आवाहन

नवी मुंबई में ज्वेलरी पार्क बनने वाला है, 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 50 हजार नौकरियां मिलने की उम्मीद।

लैब में बने हीरों की पूरी चेन अब भारत में ही, अमित शाह का उद्योग को आवाहन
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

लैब में तैयार होने वाले हीरों यानी लैब ग्रोन डायमंड के मामले में भारत को दुनिया में आगे रहना है, तो सिर्फ बनाने से काम नहीं चलेगा। इसकी मैन्युफैक्चरिंग से लेकर ब्रैंडिंग और बेचने तक की पूरी चेन देश के अंदर ही खड़ी करनी होगी, ऐसा आवाहन केंद्रीय गृह और सहकार मंत्री अमित शाह ने किया है। मुंबई में हुए 52वें 'इंडिया जेम्स अँड ज्वेलरी अवॉर्ड्स' कार्यक्रम में वो बोल रहे थे।

शाह ने कहा कि लैब ग्रोन डायमंड बनाने की मशीनरी से लेकर, गहनों की मैन्युफैक्चरिंग, ब्रैंडिंग, शोरूम और दुनियाभर में बेचने की व्यवस्था, इन सारे स्टेप्स में भारतीय उद्योग को अपनी ताकत बढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आगे चलकर इस सेक्टर का ग्लोबल मार्केट काफी बड़ा होने वाला है, और भारतीय कंपनियों को इस मौके का फायदा उठाना चाहिए।

उनका कहना था कि भारत के पास पायाभूत सुविधा, ऊर्जा, पूंजी और एंटरप्रेन्योरशिप की ताकत पहले से है। इसलिए सिर्फ प्रोडक्शन बढ़ाने की बजाय भारतीय कंपनियों को अपने खुद के ग्लोबल ब्रैंड बनाकर बड़े शहरों में सेलिंग सेंटर खोलने चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार जरूरी मदद देगी, ऐसा भरोसा भी शाह ने दिया।

रत्न और आभूषण उद्योग के लिए नवी मुंबई में बड़ी जगह और जरूरी एफएसआई देने का फैसला राज्य सरकार ने लिया है। ये उद्योग महाराष्ट्र से बाहर न जाए, इसके लिए सरकार पूरी मदद करेगी, ऐसा भी बताया गया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नवी मुंबई में प्रस्तावित जेम्स अँड ज्वेलरी पार्क से करीब 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश और 50 हजार नौकरियां मिलने की उम्मीद है। उन्होंने ये भी बताया कि इस पार्क का काम दशहरे से शुरू होगा।

सूरत हीरे की कटिंग और पॉलिशिंग का बड़ा सेंटर है, दुनियाभर में पैलू लगाए जाने वाले ज्यादातर हीरों पर सूरत में ही प्रोसेस होता है। भारत के रत्न और आभूषण उद्योग की देश की एक्सपोर्ट में भी बड़ी भूमिका है। अमित शाह ने बताया कि साल 2025 में भारत की रत्न-आभूषण एक्सपोर्ट 2 लाख 44 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। देश की कुल माल एक्सपोर्ट में इस सेक्टर का हिस्सा 6.3 फीसदी है, और करीब 75 लाख लोगों को इससे सीधे या घुमाकर रोजगार मिल रहा है, ऐसा उन्होंने बताया।

शाह ने ये भी कहा कि यूरोपियन यूनियन, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, ओमान और ब्रिटेन के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का फायदा लेकर भारतीय उद्योग को नई मार्केट में एंट्री लेनी चाहिए।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी रत्न और आभूषण उद्योग का महाराष्ट्र की इकॉनॉमी में कितना महत्व है, ये बताया। उनका कहना था कि भारत की रत्न-आभूषण एक्सपोर्ट में महाराष्ट्र का बड़ा हिस्सा है, और आगे चलकर ये उद्योग रोजगार और निवेश का बड़ा सहारा बनेगा।

इसी कार्यक्रम में 'इंडिया जेम्स अँड ज्वेलरी अवॉर्ड्स 2026' के तहत उद्योग की अलग-अलग 27 कैटेगरी में अच्छा काम करने वाले उद्यमी, एक्सपोर्टर, मैन्युफैक्चरर, महिला उद्यमी और दूसरे लोगों को सम्मानित किया गया।

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