Kemory भारत में लॉन्च, अलग-अलग AI टूल्स में यूजर की मेमरी एक जगह सेव रहेगी
सिकॉडब्रेन कंपनी ने भारत में Kemory का पब्लिक बीटा लॉन्च किया, जो अलग-अलग AI मॉडल में यूजर का कॉन्टेक्स्ट और नॉलेज सेव रखने वाली इंडिपेंडेंट मेमरी लेयर है।
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अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग AI टूल्स यूज करने वालों को अक्सर एक दिक्कत आती है - जब भी कोई नया AI टूल यूज करो, उसे फिर से अपने बारे में बताना पड़ता है, पुराना कॉन्टेक्स्ट समझाना पड़ता है और जो नॉलेज पहले तैयार की थी वो फिर से शुरू से शेयर करनी पड़ती है। इसी दिक्कत को दूर करने के मकसद से सिकॉडब्रेन कंपनी ने भारत में Kemory का पब्लिक बीटा वर्जन लॉन्च किया है।
Kemory एक इंडिपेंडेंट, यूजर की परमिशन पर आधारित AI मेमरी लेयर है। मतलब यूजर चाहे कोई भी AI मॉडल या असिस्टेंट यूज करे, उसका कॉन्टेक्स्ट और नॉलेज उसके साथ ही रहता है। यह किसी एक AI मॉडल पर डिपेंड नहीं है, इसलिए यूजर अपनी नॉलेज एक जगह सेव करके रख सकते हैं और जरूरत के हिसाब से अलग-अलग AI टूल्स को उसकी परमिशन दे सकते हैं।
सिकॉडब्रेन के फाउंडर और सीईओ सचिन देव दुग्गल ने बताया, "Kemory के लिए भारत बाद की मार्केट नहीं है, भारत ही मेन मार्केट है। जब यूजर्स के पास खुद का नॉलेज होता है और वो उसे अपने साथ ले जा सकते हैं, तब हर AI मॉडल को जीरो से शुरुआत नहीं करनी पड़ती। वो पहले से मौजूद कॉन्टेक्स्ट से आगे काम कर सकता है।"
कंपनी के मुताबिक Kemory तीन चीजों पर फोकस करती है - नॉलेज की ओनरशिप, परमिशन बेस्ड एक्सेस और अलग-अलग AI मॉडल्स से इंडिपेंडेंट रहने की कैपेसिटी। कंपनी की ऑफिशियल जानकारी के अनुसार, पब्लिक लॉन्गमेमइवॉल-एस ओरॅकल बेंचमार्क पर Kemory ने 89.6 फीसदी एक्यूरेसी हासिल की है, यानी 500 में से 448 सवालों के सही जवाब दिए गए। यह रिजल्ट सिर्फ मेमरी में से सही जानकारी ढूंढने की कैपेसिटी नहीं, बल्कि जानकारी ढूंढना, जवाब बनाना और उस जवाब को परखने की पूरी प्रोसेस की परफॉर्मेंस दिखाता है।
Kemory को "फॉर इंडिया, फ्रॉम इंडिया" सोच के साथ बनाया गया है। कंपनी का कहना है कि इंडियन यूजर्स का डेटा इंडिया के सर्वर पर ही सेव होता है। पब्लिक बीटा वर्जन में यूजर्स को क्रोम के लिए कोरा, दो कनेक्टेड AI, 2000 तक मेमरीज और चैट्स, और फेयर यूज क्रेडिट्स फ्री में मिलेंगे। Kemory का पब्लिक बीटा वर्जन अभी भारत के यूजर्स के लिए उपलब्ध है।
सिकॉडब्रेन AI, इंसानों और नॉलेज की टीम्स के लिए एक शेयर्ड इंटेलिजेंस लेयर बना रही है। कंपनी की न्यूरोसिम्बॉलिक मेमरी और रीजनिंग लेयर, AI मॉडल्स के ऊपर और यूजर्स या ऑर्गेनाइजेशन के इस्तेमाल किए जाने वाले एजेंट्स-टूल्स के नीचे काम करने के लिए बनाई गई है, ताकि हर नई बातचीत में AI को शुरू से शुरुआत न करनी पड़े। Kemory, सिकॉडब्रेन के आगे के शेयर्ड मेमरी इंफ्रास्ट्रक्चर की पहली लेयर है, और कंपनी ने इसकी शुरुआत मेमोरी से की है। कंपनी कॉग्निटिवो नाम के फ्लैट टीम स्ट्रक्चर में काम करती है, जिसमें हर मेंबर को प्रोडक्ट बनाने में सीधे शामिल होने और अपने काम की एंड-टू-एंड जिम्मेदारी लेने का मौका मिलता है।