कपिलनगर में मारपीट, जातिसूचक गाली और जान से मारने की धमकी का आरोप, दो दिन बाद भी FIR नहीं
अनिकेत गनवीर ने कपिलनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत देकर आरोपियों पर मारपीट, जातिसूचक अपमान और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया है, लेकिन दो दिन बाद भी केस दर्ज नहीं हुआ।
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नागपुर के कपिलनगर पुलिस स्टेशन इलाके में एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें मारपीट, जातिसूचक गाली-गलौज, गला दबाकर जान से मारने की कोशिश, धमकी और जबरदस्ती गाड़ी में बिठाने की कोशिश जैसे आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता अनिकेत गनवीर का कहना है कि घटना के दो दिन बाद भी पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की है, और इसी वजह से वे खुद पुलिस के पास पहुंचे हैं।
गनवीर की शिकायत के मुताबिक कुछ लोगों ने पहले उनसे झगड़ा किया और गाली-गलौज की। उनका आरोप है कि इस दौरान जातिसूचक टिप्पणियां भी की गईं। इतना ही नहीं, उनका कहना है कि उन्हें मारा-पीटा गया और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई।
गनवीर ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उन्हें धमकाया और जबरदस्ती गाड़ी में बिठाने की कोशिश की। इस घटना की वजह से इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया था।
घटना के बाद गनवीर पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत में नामजद लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के साथ-साथ अन्य लागू कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने मेडिकल जांच कराने और घटनास्थल के आसपास लगे CCTV फुटेज की जांच करने की भी मांग रखी है, ताकि यह साफ हो सके कि आखिर हुआ क्या था।
लेकिन गनवीर का यह दावा कि घटना के दो दिन बाद भी केस दर्ज नहीं हुआ, पुलिस की कार्रवाई की रफ्तार पर सवाल खड़े करता है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और जांच में जो सबूत सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मामले में लगाए गए आरोप अभी साबित होना बाकी हैं। असल में घटना के वक्त क्या हुआ और इसमें शामिल लोगों की भूमिका क्या थी, यह सब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा।