जनसुविधा योजना से अब स्कूल और आंगनवाड़ी की इमारतों के काम भी होंगे
महाराष्ट्र सरकार ने ग्राम पंचायतों को मिलने वाली जनसुविधा योजना का दायरा बढ़ाया है। अब जिला परिषद स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों के काम भी इसमें होंगे।
महाराष्ट्र सरकार ने ग्राम पंचायतों को जनसुविधाओं के लिए दिए जाने वाले विशेष अनुदान की योजना का दायरा बढ़ा दिया है। ग्रामविकास विभाग ने 29 सितंबर 2026 को एक शासन निर्णय जारी किया। इसके मुताबिक जिला वार्षिक योजना के तहत अब जिला परिषद स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़े कई बुनियादी ढांचे के काम इस योजना से किए जा सकेंगे।
स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र के लिए नई इमारत या क्लासरूम बनाने पर खर्च की सीमा 20 लाख रुपये तय की गई है। पुरानी इमारतों की मरम्मत और रंगाई-पुताई के लिए 5 लाख रुपये तक का प्रावधान रखा गया है।
इसके अलावा स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों में शौचालय बनाने या उसकी मरम्मत के लिए 3 लाख रुपये मिलेंगे। सोलर ऊर्जा सिस्टम लगाने और इमारत में बिजली की फिटिंग के लिए 5 लाख रुपये रखे गए हैं। सुरक्षा दीवार के लिए भी 5 लाख रुपये तक खर्च किया जा सकेगा।
विद्यार्थियों और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी निगरानी सिस्टम और अग्निशमन सिस्टम लगाने के लिए 3 लाख रुपये तक की सीमा तय की गई है।
इस फैसले के बाद ग्राम पंचायतों के सामने सवाल खड़ा हो गया है कि गांव की सड़कों, नालियों और दूसरी बुनियादी नागरी सुविधाओं के कामों के लिए फंड का क्या होगा। पंचायतों के रोज के कामकाज में सड़क, नाली, पानी की निकासी और अंदरूनी रास्ते जैसे काम भी अहम हैं। जनसुविधा योजना से इन कामों के लिए जो फंड मिलता है, उसके नियोजन और उस पर होने वाले असर को लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर चर्चा शुरू होने की संभावना है।
शासन निर्णय के मुताबिक प्रस्तावित काम पहले किसी और योजना या विभाग के जरिए प्रस्तावित न हों, इसकी पुष्टि करना जरूरी है। एक ही काम के लिए दो योजनाओं से पैसा खर्च न हो और कामों का दोहराव न हो, इसका ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गांव के लोगों की अपेक्षा है कि स्कूल और आंगनवाड़ी के बुनियादी ढांचे को फंड मिलने के बावजूद सरकार गांव की सड़कों और नालियों जैसी बुनियादी सुविधाओं के सवालों पर भी अलग से ध्यान दे।