गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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00:04 IST

जमीन-संपत्ति के ब्लॉकचेन टोकनाइजेशन को महाराष्ट्र सरकार का कानून, फडणवीस ने बताया प्लान

मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जमीन-संपत्ति के टोकनाइजेशन के लिए नए कानून का खुलासा किया।

जमीन-संपत्ति के ब्लॉकचेन टोकनाइजेशन को महाराष्ट्र सरकार का कानून, फडणवीस ने बताया प्लान तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मुंबई के वांद्रे-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित जिओ सेंटर में हुए ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि डिजिटल वित्तीय क्षेत्र की नई टेक्नोलॉजी का फायदा आम नागरिक, किसान, महिला उद्यमी, स्टार्टअप्स और सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों तक पहुंचाने के लिए महाराष्ट्र सरकार पूरी तरह से जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि एजेंटिक एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी के जरिए वित्तीय समावेशन को नई दिशा मिलेगी।

इस कार्यक्रम में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के अध्यक्ष क्रिस गोपालकृष्णन, नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की कार्यकारी निदेशक सोहिनी राजोला और मुख्यमंत्री के निवेश सलाहकार कौस्तुभ धवसे मौजूद रहे।

फडणवीस ने बताया कि पिछले साल इसी फेस्ट में महाराष्ट्र को देश का पहला 'टोकनाइज्ड स्टेट' बनाने का संकल्प लिया गया था। इस दिशा में राज्य सरकार ने अहम कदम उठाते हुए 'महाराष्ट्र डिजिटाइजेशन एंड एक्सचेंज ऑफ लैंड टोकन एसेट एक्ट (डेल्टा एक्ट)' का ढांचा तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। इस कानून के जरिए जमीन और स्थावर संपत्ति के ब्लॉकचेन आधारित टोकनाइजेशन के लिए जरूरी कानूनी फ्रेमवर्क बनाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में सेबी, बीएसई, एनएसई के साथ-साथ उद्योग, टेक्नोलॉजी, कानून और शिक्षा क्षेत्र के एक्सपर्ट्स को भी शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टोकनाइजेशन वो प्रोसेस है जिससे स्थावर संपत्ति में फंसी हुई पूंजी को प्रोडक्टिव आर्थिक मौकों में बदला जा सकता है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी, तरलता आएगी और बेकार पड़ी संपत्ति आर्थिक विकास के काम आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी होने के साथ-साथ अब दुनिया की उभरती हुई फिनटेक राजधानी के तौर पर भी तेजी से आगे बढ़ रही है। इस साल के फेस्ट का थीम 'पोटेंशियल ऑफ इम्पैक्ट' है, जो टेक्नोलॉजी की क्षमता को असली नतीजों में बदलने की जरूरत को दर्शाता है।

यूपीआई के जरिए भारत ने दुनिया के सामने मिसाल पेश की है। अब अगले चरण में कर्ज, निवेश, मालिकाना हक और वित्तीय जानकारी का लोकतंत्रीकरण जरूरी है। फडणवीस ने कहा कि कोल्हापुर के उद्योग हों, विदर्भ के किसान हों या पुणे की महिला उद्यमी, इन सबको बड़ी वित्तीय संस्थाओं जैसी ही अच्छी आर्थिक जानकारी और सेवाएं देने की ताकत नई टेक्नोलॉजी में है। एजेंटिक एआई के बारे में उन्होंने कहा कि आगे चलकर किसी उद्यमी का एआई असिस्टेंट उसकी जरूरत पहचानकर सही वित्तीय विकल्प सुझा सकेगा, और किसानों को उनकी मातृभाषा में आर्थिक सलाह मिल सकेगी। लेकिन उन्होंने साफ किया कि एआई भले ही नागरिकों के लिए काम करे, आखिरी कंट्रोल नागरिकों के ही हाथ में रहना चाहिए।

फडणवीस ने कहा कि मुंबई देश का सबसे बड़ा वित्तीय इकोसिस्टम देती है, पुणे टेक्निकल और इंजीनियरिंग स्किल का सेंटर है, जबकि नवी मुंबई डेटा, इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल कनेक्टिविटी के नए हब के तौर पर उभर रही है। उन्होंने उद्योग और टेक्नोलॉजी सेक्टर से अपील की कि वे महाराष्ट्र को सिर्फ बाजार नहीं, बल्कि नई सोच की लैब के तौर पर देखें, और कहा कि कृषि, एमएसएमई, शहरी विकास, हेल्थ, गतिशीलता, वित्तीय समावेशन, फ्रॉड रोकथाम और सार्वजनिक वित्त प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में इनोवेटिव आइडिया लेकर आएं, सरकार उनकी बड़े पैमाने पर टेस्टिंग में पूरा साथ देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत ने डिजिटल वित्तीय इंफ्रास्ट्रक्चर की नई मिसाल दुनिया के सामने रखी है, और अब दुनिया की निगाहें इस पर टिकी हैं कि भारत आगे कौन सी नई वित्तीय क्रांति लाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महाराष्ट्र इस बदलाव में सबसे आगे रहेगा और देश की अगली पीढ़ी के फिनटेक समाधानों के लिए सबसे बड़ा 'रियल वर्ल्ड टेस्टबेड' बनेगा। इस मौके पर एमएमआरडीए और सेबी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज तथा एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट के बीच बीकेसी में विस्तार को लेकर हुए करार का हस्तांतरण भी फडणवीस की मौजूदगी में हुआ।

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