इन्वर्टर पर कौन से उपकरण चलाना सेफ, बारिश में अर्थिंग क्यों जरूरी
बिजली जाने पर इन्वर्टर घर चलाता है, लेकिन उसकी क्षमता सीमित है, इसलिए हर उपकरण उस पर चलाना ठीक नहीं।
लाइट जाने के बाद घर में बल्ब, पंखे और जरूरी उपकरण चलाने के लिए इन्वर्टर बड़े काम आता है। पर इन्वर्टर की क्षमता लिमिटेड होती है, इसलिए हर होम अप्लायंस उस पर चलाना ठीक नहीं रहता। असल में देखना यह जरूरी है कि कोई उपकरण कितनी बिजली खींचता है और इन्वर्टर की VA कैपेसिटी कितनी है।
रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले किन उपकरणों को इन्वर्टर पर चलाया जा सकता है, इसका जवाब है कि सामान्य क्षमता वाले इन्वर्टर पर LED बल्ब, पंखे, Wi-Fi राऊटर, मोबाइल चार्जर, टीवी या लैपटॉप जैसे कम लोड वाले उपकरण आराम से चल जाते हैं। आजकल घरों में वर्क फ्रॉम होम या ऑनलाइन काम के लिए राऊटर, लैपटॉप और चार्जिंग जैसी जरूरतें इन्वर्टर पर रखना अक्सर ठीक रहता है। मगर एक साथ कई उपकरण जोड़ने पर ओवरलोड होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
दूसरी तरफ फ्रिज, पंप, माइक्रोवेव, मिक्सर, इस्त्री, गीजर, हीटर या एसी जैसे उपकरणों का लोड ज्यादा होता है। इनमें से कई में मोटर या हीटिंग एलिमेंट लगा होने से शुरुआत में या लगातार चलने पर बिजली की खपत ज्यादा होती है। इसलिए ऐसे उपकरण इन्वर्टर की क्षमता देखकर ही चलाने चाहिए। खासकर इस्त्री, हीटर और गीजर जैसे हीटिंग उपकरण बिना जरूरत इन्वर्टर पर चलाने से बचना चाहिए। BIS की बिजली-सुरक्षा गाइडलाइन में भी बताया गया है कि हीटिंग उपकरणों से ओवरहीटिंग और आग लगने का खतरा रहता है।
बारिश के मौसम में गांव-देहात के घरों में अर्थिंग को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। बारिश में नम जमीन, गीली दीवारें और बिजली की वायरिंग होने से सेफ्टी का मसला और गंभीर हो जाता है। सही अर्थिंग होने पर फॉल्ट करंट को सेफ रास्ता मिलता है, जिससे करंट लगने और शॉर्ट सर्किट का खतरा कम होता है।
गांव के घरों में पुरानी वायरिंग, खेत के पंप, धातु के उपकरण या नमी वाली जगह हो तो अर्थिंग की नियमित जांच और भी जरूरी हो जाती है। बारिश के मौसम में खुद से वायरिंग ठीक करने की बजाय ट्रेंड इलेक्ट्रिशियन से अर्थिंग, MCB और पूरा इलेक्ट्रिक सिस्टम चेक करवाना ही सेफ रहता है।