इंजिनिअरिंग में मैनेजमेंट कोटा फीस तीन गुना, शिवसेना नेता ने रद्द करने की मांग उठाई
शिवसेना सचिव वैभव थोरात ने विधानपरिषद के उपसभापति सचिन अहिर को निवेदन देकर इंजिनिअरिंग कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटे की तीन गुना फीस तुरंत रद्द करने की मांग की।
महाराष्ट्र के इंजिनिअरिंग कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटे से एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स से वसूली जा रही तीन गुना फीस को लेकर अब विरोध तेज हो गया है। शिवसेना सचिव एडवोकेट वैभव मारुती थोरात ने यह फीस तुरंत रद्द करने की मांग करते हुए महाराष्ट्र विधानपरिषद के उपसभापति सचिन अहिर को इस बारे में निवेदन सौंपा है।
निवेदन में थोरात ने कहा है कि मैनेजमेंट कोटे की फीस रेगुलर फीस से तीन गुना हो जाने से स्टूडेंट्स के साथ-साथ उनके पैरेंट्स पर भी भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उनका कहना है कि जिन परिवारों की आर्थिक हालत ठीक नहीं है, वहां के होनहार स्टूडेंट्स के लिए यह फीस बढ़ोतरी पढ़ाई के मौके ही सीमित कर रही है।
थोरात ने निवेदन में एक सवाल भी उठाया है। उनका कहना है कि एक ही कॉलेज, एक ही क्लास और एक ही कोर्स में पढ़ने वाले दो स्टूडेंट्स में से एक से रेगुलर फीस ली जाए और दूसरे से उसकी तीन गुना फीस वसूली जाए, तो यह पढ़ाई में बराबरी के हिसाब से कितना सही है।
निवेदन में यह भी कहा गया है कि पढ़ाई में सबको बराबर मौका मिलना जरूरी है, लेकिन सिर्फ एडमिशन का रास्ता अलग होने की वजह से स्टूडेंट्स पर इतना बड़ा आर्थिक बोझ डालना गलत है। इस फैसले का सीधा असर स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है, जिससे स्टूडेंट्स की पढ़ाई को भी नुकसान हो रहा है।
इसी वजह से एडवोकेट वैभव थोरात ने मैनेजमेंट कोटे की तीन गुना फीस वसूलने के इस गलत फैसले को तुरंत रद्द कर स्टूडेंट्स को राहत देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस बारे में जल्द से जल्द जरूरी आदेश जारी करने की भी मांग की है।
इस मामले में उपसभापति सचिन अहिर ने भरोसा दिलाया है कि इंजिनिअरिंग कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटे की तीन गुना फीस कम करने के मुद्दे पर संबंधित डिपार्टमेंट से बातचीत की जाएगी और फीस रद्द करने को लेकर सकारात्मक फैसला लिया जाएगा।