IMD ने अगले पांच दिन का मौसम पूर्वानुमान जारी किया, जानिए अपने जिले का हाल
महाराष्ट्र के 358 में से 265 तालुके सूखा प्रभावित घोषित होने के बाद IMD ने पांच दिन का पूर्वानुमान जारी किया है।
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 358 में से 265 तालुकों को आधिकारिक तौर पर सूखा प्रभावित घोषित कर दिया है। इसके तुरंत बाद अब आम जनता और किसानों की निगाहें मौसम विभाग यानी IMD की तरफ टिकी हुई हैं। इस साल राज्य में औसतन 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।
इसी बीच IMD के मुंबई रीजनल सेंटर ने 27 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक के लिए अगले पांच दिन का मौसम पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक निम्न दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ने से राज्य में मूसलाधार बारिश की तीव्रता तो कम हुई है, लेकिन कई जिलों में गरज चमक के साथ तेज हवाओं और बौछारों का सिलसिला अभी जारी रहेगा।
राजधानी मुंबई में अगले पांच दिनों के दौरान मुख्य रूप से हल्की बारिश होने का अनुमान है। 28 सितंबर को मुंबई में हल्की बारिश के साथ गरज चमक देखने को मिल सकती है, जबकि 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक सिर्फ हल्की फुहारें ही पड़ेंगी। वहीं कोंकण के तटीय जिलों ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर बिजली चमकने के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों में तो पांचों दिन बारिश होने की संभावना काफी ज्यादा बताई गई है।
पश्चिम महाराष्ट्र और घाट इलाकों में मौसम थोड़ा और हलचल भरा रह सकता है। IMD ने पुणे, नासिक, सातारा, कोल्हापुर और सांगली के घाट इलाकों में गरज चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। पुणे और सातारा के घाट इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है। मौसम विभाग के वॉर्निंग चार्ट के मुताबिक 28 और 29 सितंबर को पुणे घाट, सातारा घाट, सांगली, कोल्हापुर, बीड़ और धाराशिव के लिए आंधी तूफान और बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
सूखे की मार झेल रहे मराठवाड़ा के जिलों में मिलाजुला मौसम रहने वाला है। बीड़, धाराशिव, लातूर और छत्रपति संभाजीनगर में गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बीड़ और धाराशिव में कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। हालांकि जालना, परभणी और हिंगोली में मौसम ज्यादातर सूखा ही रहेगा और वहां कोई खास चेतावनी नहीं दी गई है। दूसरी तरफ विदर्भ में कम दबाव का असर खत्म होने के बाद बारिश की गतिविधियों में काफी गिरावट आई है। नागपुर, अमरावती, अकोला, चंद्रपुर, गड़चिरोली और वर्धा समेत विदर्भ के ज्यादातर जिलों के लिए अगले पांच दिनों तक कोई मौसम चेतावनी नहीं है। विदर्भ में अगले 48 घंटों के बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक दक्षिणपश्चिम मानसून की महाराष्ट्र से वापसी 5 अक्टूबर से 10 अक्टूबर के बीच होने की संभावना है। राज्य में न्यूनतम तापमान में अगले 45 दिनों तक कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा, जबकि अधिकतम तापमान में 24 घंटे बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।